कनाडा में भारतीय छात्र की हत्या: उज्जैन का गुरकीरत सिंह अब कभी नहीं लौटेगा
दुखद घटना से गहरा सदमा
नई दिल्ली: उज्जैन का एक युवा, जो विदेश में अपने भविष्य को संवारने के लिए गया था, अब कभी वापस नहीं आएगा। 23 वर्षीय गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में एक हिंसक हमले में जान चली गई। इस दुखद समाचार ने उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार अब अपने बेटे के पार्थिव शरीर की भारत वापसी का इंतजार कर रहा है, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
कनाडा में हुई हिंसक घटना
गुरकीरत, जो मध्य प्रदेश के उज्जैन का निवासी था, 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन में एक हिंसक घटना का शिकार हुआ। बताया गया है कि एक समूह ने उस पर हमला किया, जिसके दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावरों ने उसे वाहन से कुचल दिया। गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक का माहौल बना दिया है।
शिक्षा के लिए कनाडा गया था
पढ़ाई के लिए गए थे कनाडा
गुरकीरत उच्च शिक्षा के लिए कनाडा आया था। वह नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रहा था। पढ़ाई के साथ-साथ वह वॉलमार्ट में पार्ट टाइम काम भी करता था। परिवार के अनुसार, घटना की रात वह अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद कुछ छात्रों के साथ बाहर गया था।
झगड़े में फंस गया
सूत्रों के अनुसार, उस समय कुछ युवकों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और उसी झगड़े में गुरकीरत भी शामिल हो गया। उसके बड़े भाई प्रबकीरत सिंह ने बताया कि इस हमले में लगभग 10 से 12 लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि पहले गुरकीरत को बुरी तरह पीटा गया और फिर एक वाहन से कुचला गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस जांच जारी
घटना के बाद कनाडाई पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कनाडा के अधिकारियों ने अस्पताल में गुरकीरत की पहचान की पुष्टि की है।
परिवार को मिली दुखद सूचना
परिवार को देर रात मिली दुखद खबर
गुरकीरत के परिवार को इस घटना की जानकारी सबसे पहले उनके कनाडा में रहने वाले एक मित्र के फोन से मिली। देर रात आए इस फोन ने परिवार को पूरी तरह से हिला दिया। रायपुर में रहने वाले उसके बड़े भाई ने बताया कि यह खबर सुनना उनके लिए बेहद दर्दनाक था।
आखिरी बातचीत की याद
आखिरी बातचीत अब याद बन गई
परिवार ने बताया कि घटना से ठीक एक दिन पहले गुरकीरत ने अपने पिता गुरजीत सिंह मनोचा से फोन पर बात की थी। उस समय उसके पिता दिल्ली में एक खाद्य प्रदर्शनी में शामिल होकर उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
पार्थिव शरीर की वापसी की मांग
परिवार की मांग- जल्द भारत लाया जाए पार्थिव शरीर
गुरकीरत का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन कानूनी औपचारिकताओं के कारण इसमें लगभग तीन सप्ताह लग सकते हैं। परिवार ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कराया जाए। उनके भाई ने कहा कि परिवार केवल यही चाहता है कि उनका बेटा जल्द घर लौट आए, ताकि पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।