कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमले से बढ़ी तनाव की स्थिति
अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में तनाव
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते को अक्सर 'दुनिया की सबसे जटिल प्रेम कहानी' के रूप में वर्णित किया जाता है। यह संबंध कभी गहरी दोस्ती में बदलता है, तो कभी अविश्वास की खाई में गिर जाता है। हाल ही में, मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर पाकिस्तान तक पहुंच गया है।
ईरान के नेता की मौत का प्रभाव
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इज़राइल के हमले में मौत के बाद कराची में जो दृश्य उत्पन्न हुआ, उसने वैश्विक चिंता को जन्म दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस' की घोषणा के बाद मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया है।
कराची में दूतावास पर हमला
इसका सबसे गंभीर असर पाकिस्तान के कराची में देखा गया, जहां रविवार को एक उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सुरक्षा चुनौती बन गई है। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की खिड़कियों को तोड़ दिया और अमेरिका विरोधी नारे लगाए।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर दूतावास के परिसर में घुस गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हिंसक झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कराची की घटना पर रिपोर्ट मांगी है। दूतावास के आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रदर्शनकारी शहर के अन्य हिस्सों में भी इकट्ठा हो रहे हैं।