×

कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियों का तोड़फोड़: पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत पर हमला

पाकिस्तान के कराची में एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को तोड़ने की घटना ने धार्मिक सद्भाव और बहुसांस्कृतिक विरासत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता शिव कच्छी ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों की एक और कड़ी है। जानें इस मामले में क्या हुआ और इसके पीछे की कहानी।
 

कराची में मूर्तियों का विनाश


कराची: पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में एक ऐतिहासिक इमारत के भीतर भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को तोड़ने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस घटना की जानकारी देते हुए एक पाकिस्तानी हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता ने इसे अत्यंत निंदनीय बताया है।


घटना की निंदा

पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने शुक्रवार को इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह केवल मूर्तियों का विनाश नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक सद्भाव पर एक गंभीर हमला है। यह घटना कराची के सगन मेसन भवन में दो दिन पहले हुई थी।


सरकार से कार्रवाई की मांग

कच्छी ने कहा कि सरकार को इस मामले की तुरंत जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समुदाय की भावनाओं को आघात पहुंचाने वाले इस कृत्य के जिम्मेदार लोगों को बिना देरी के गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण और जीर्णोद्धार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


ऐतिहासिक इमारत का महत्व

यह इमारत 1937 में स्वतंत्रता से पहले बनाई गई थी और इसमें हिंदू समुदाय की बहुमूल्य मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक रखे गए हैं।


अल्पसंख्यकों पर हमले की निरंतरता

पाकिस्तान में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमलों की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। भारत ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है और पाकिस्तान को कई बार बेनकाब किया है।