किंग चार्ल्स के अमेरिका दौरे में कोहिनूर हीरा चर्चा का विषय
किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके बयानों और न्यूयॉर्क के मेयर द्वारा कोहिनूर हीरा वापस मांगने के कारण यह दौरा और भी दिलचस्प हो गया है। मेयर ममदानी ने मजाक में कहा कि वह किंग चार्ल्स से हीरा लौटाने के लिए कहेंगे। इसके अलावा, किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति ट्रंप को भी उनके अंदाज में रोस्ट किया। जानें इस दौरे की पूरी कहानी और इसके पीछे के महत्वपूर्ण पहलू।
Apr 30, 2026, 13:01 IST
किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा
किंग चार्ल्स का हालिया अमेरिका दौरा काफी चर्चा में है। उनके बयानों और उन पर उठने वाले तंजों के कारण यह दौरा सुर्खियों में बना हुआ है। पहले, किंग चार्ल्स ने अमेरिकियों को फ्रेंच बोलने की याद दिलाई थी। अब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने किंग चार्ल्स से मुलाकात के दौरान कोहिनूर हीरा वापस मांगकर इस दौरे को और भी दिलचस्प बना दिया। मेयर ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि उन्हें किंग चार्ल्स से अकेले में बात करने का मौका मिला, तो वह उन्हें कोहिनूर लौटाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस तरह कोहिनूर की चर्चा अब लंदन से न्यूयॉर्क तक पहुंच गई है।
कोहिनूर हीरा और भारत का संबंध
हालांकि, इस बयान के बाद किंग चार्ल्स और मेयर ममदानी की मुलाकात 91 मेमोरियल पर हुई, जहां दोनों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। अब सवाल यह है कि क्या मेयर ने हीरे की बात कही या नहीं, यह तो रहस्य है, लेकिन न्यूयॉर्क में इस पर चर्चा हो रही थी। भारत का भी इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू है। कोहिनूर हीरा भारत के गौरव का प्रतीक है, जिसे 1849 में महाराजा दिलीप सिंह ने महारानी विक्टोरिया को सौंपा था। इसके बाद यह ब्रिटिश मुकुट का हिस्सा बन गया। भारत में इसे वापस लाने की मांग हमेशा उठती रही है, और अब न्यूयॉर्क के मेयर ने भी इस मांग को फिर से हवा दी है।
किंग चार्ल्स का ट्रंप पर तंज
कहानी केवल कोहिनूर तक सीमित नहीं है। इस दौरे के दौरान, किंग चार्ल्स ने राष्ट्रपति ट्रंप को उनके ही अंदाज में रोस्ट किया, जिससे ट्रंप का चेहरा देखने लायक था। कुछ समय पहले, ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर तंज कसा था कि अगर अमेरिका ने विश्व युद्ध में मदद नहीं की होती, तो आज आधा यूरोप जर्मन बोल रहा होता। इस पर किंग चार्ल्स ने वाइट हाउस के स्टेट डिनर में मुस्कुराते हुए कहा, 'मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने कहा था कि अमेरिका ना होता तो यूरोप जर्मन बोल रहा होता। क्या मैं यह कहने की हिम्मत कर सकता हूं कि अगर हम ब्रिटिश ना होते तो आप लोग फ्रेंच बोल रहे होते?'