किम जोंग उन की चेतावनी: मादुरो की गिरफ्तारी पर वैश्विक तनाव बढ़ा
वैश्विक विभाजन का कारण बनी मादुरो की गिरफ्तारी
नई दिल्ली: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दो धड़ों में बांट दिया है। इस विवाद में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने भी अपनी आवाज उठाई है। किम ने मादुरो को अपना करीबी मित्र बताते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो यह स्थिति तीसरे विश्व युद्ध का कारण बन सकती है।
चीन का अमेरिका के खिलाफ विरोध
चीन भी इस मामले में अमेरिका के खिलाफ खड़ा होता दिखाई दे रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एक बार फिर विश्व युद्ध की गूंज सुनाई देगी या नहीं।
किम जोंग का दमनकारी कदम पर बयान
उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताया है। उन्होंने अमेरिका से मांग की है कि मादुरो की स्थिति को सार्वजनिक किया जाए और उन्हें सम्मान के साथ रिहा किया जाए। किम ने स्पष्ट कहा, "अमेरिका का यह कदम वैश्विक टकराव को जन्म देगा, जिसके गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम होंगे।"
रूस की प्रतिक्रिया
रूस ने भी इस मामले में अमेरिका की आलोचना की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि 'सशस्त्र आक्रामकता' है। रूस का कहना है कि अमेरिका कूटनीति के बजाय अपनी वैचारिक दुश्मनी को उजागर कर रहा है। मॉस्को ने चेतावनी दी है कि बिना किसी ठोस आधार के किसी देश के राष्ट्रपति को उठाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
मादुरो पर गंभीर आरोप
वहीं, अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने मादुरो की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूयॉर्क की अदालत में मादुरो पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
नार्को टेररिज्म: कोकीन की बड़े पैमाने पर तस्करी की साजिश।
अवैध हथियार: खतरनाक मशीनगनों और विनाशकारी हथियारों का भंडारण।
ड्रग कार्टेल: अमेरिका के खिलाफ नशीली दवाओं के माध्यम से साजिश रचना।
रूस-उत्तर कोरिया बनाम अमेरिका का संघर्ष
यह मामला केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह रूस-उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच एक संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। किम जोंग की एंट्री ने इस संकट को और भी गंभीर बना दिया है। यदि तनाव बढ़ता है, तो लैटिन अमेरिका एक बड़े सैन्य संघर्ष का मैदान बन सकता है।