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कुवैत और सऊदी अरब पर ईरान के ड्रोन हमलों का आरोप

कुवैत ने ईरान पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है, जबकि सऊदी अरब ने अपनी पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की है। ईरान ने इन आरोपों का खंडन किया है और इजराइल के साथ बातचीत की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी ईरान के कार्यों पर चिंता जताई है। इस स्थिति में तनाव बढ़ता जा रहा है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
 

कुवैत का ईरान पर आरोप

कुवैत ने ईरान और उसके सहयोगियों पर दो सप्ताह के युद्धविराम के बावजूद ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है। सऊदी अरब ने भी हाल के हमलों के कारण अपनी एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी है। सरकारी समाचार एजेंसी ने कुवैत के विदेश मंत्रालय के बयान का हवाला देते हुए यह जानकारी साझा की। यह बयान उस समय आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर बातचीत होने वाली है।


कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बृहस्पतिवार रात को हुए ड्रोन हमलों में 'कुवैत के कुछ महत्वपूर्ण केंद्रों को निशाना बनाया गया'।


सऊदी अरब की पाइपलाइन को नुकसान

सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि हालिया हमलों के कारण उसकी महत्वपूर्ण 'ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' को नुकसान पहुंचा है। यह पाइपलाइन तेल को लाल सागर तक पहुंचाती है और इसके मार्ग में होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं आता। ईरान ने युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है।


ईरान का इनकार

हालांकि, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कुवैत के आरोपों का खंडन किया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि यदि मीडिया में आई खबरें सच हैं, तो यह निश्चित रूप से इजराइल या अमेरिका का काम है।


इससे पहले, इजराइल के प्रधानमंत्री ने युद्धविराम प्रयासों को बढ़ावा देते हुए कहा कि उन्होंने लेबनान के साथ 'जितनी जल्दी हो सके' सीधी बातचीत की अनुमति दी है।


ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्धविराम के प्रभावी होने को लेकर आशंका जताते हुए कहा कि ईरान बहुत खराब काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है, तो अमेरिकी सेना कठोर कार्रवाई करेगी।


ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की सेना जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे टैंकरों से शुल्क वसूल रही है, जो बिल्कुल नहीं होना चाहिए।


ईरान का दृष्टिकोण

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि युद्धविराम स्वीकार करने का निर्णय 'कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि ईरान की गौरवशाली विजयगाथा को मजबूत करने का एक तरीका है'।


अमेरिका या इजराइल द्वारा ईरान को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।


इजराइल के हमले

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल द्वारा किए गए हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गए और 1,100 से अधिक घायल हुए। इजराइल का कहना है कि ये हमले हिजबुल्ला को निशाना बनाकर किए गए थे।


इजराइल ने हिजबुल्ला नेता के एक सहयोगी को मार गिराने की भी पुष्टि की है।