कैप्टन स्मित मछार की जान बचाने वाला इजरायली डेंटिस्ट: दुबई से तेल अवीव की उड़ान में हुआ था खतरनाक हमला
दुर्बाग्यपूर्ण घटना का विवरण
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी, में एक भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर एक को-पायलट द्वारा कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस हमले के बाद, कैप्टन की जान को बचाने के लिए 45 मिनट का संघर्ष हुआ, जिसमें कॉकपिट एक ऑपरेशन थिएटर में बदल गया। एक इजरायली डेंटिस्ट, डॉ. शोता मुसाएव ने फर्स्ट-एड देकर उनकी जान बचाई। यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई थी।
डॉक्टर की तात्कालिक प्रतिक्रिया
डॉ. शोता ने बताया, "मैंने देखा कि पायलट जमीन पर गिरा हुआ था और बहुत खून बह रहा था। उसके सिर और हाथ से खून निकल रहा था।" उन्होंने पहले अपनी टी-शर्ट से घाव को दबाने की कोशिश की, लेकिन खून बहना नहीं रुका। इसके बाद, उन्होंने क्रू से बर्फ मंगवाई।
आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर की भूमिका
"घाव गहरे थे, हमें कई आइस पैक की आवश्यकता थी। जब भी मैंने टी-शर्ट हटाई, खून बहना और तेज हो गया। इसलिए मैंने बर्फ से हल्का दबाव बनाए रखा। यह प्रक्रिया 45 मिनट तक चली," डॉ. शोता ने कहा। इस दौरान कैप्टन की पल्स कई बार गिर गई। उन्होंने कैप्टन की टांगें ऊपर करके उनकी पल्स को सामान्य किया। जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ने लगे, तो उन्होंने क्रू से कहा कि जल्द से जल्द लैंडिंग करनी होगी।
कैप्टन की इच्छा जीने की
डॉ. शोता ने कैप्टन को होश में बनाए रखने के लिए उनसे बातचीत की। उन्होंने पूछा, "आपके कितने बच्चे हैं? डरिए मत, आप अपने परिवार के पास वापस जाएंगे।" कैप्टन स्मित ने बताया कि वह भारत से हैं और दुबई में रहते हैं। दर्द में उन्होंने कहा, "कृपया मेरी मदद करें। मेरे भगवान मेरे साथ हैं। मैं जीना चाहता हूं, मैं यहां मरना नहीं चाहता।"
कैप्टन की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में, कैप्टन स्मित मछार अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं। सऊदी अरब में सर्जरी के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर यूएई लाया गया था। भारतीय दूतावास के अनुसार, उनकी स्थिति में अब सुधार हो रहा है।