कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी: हाईजैकिंग से बचाने वाले यात्रियों की कहानी
कैप्टन स्मित माछर की अदम्य साहस
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर ने बुधवार को एक अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया। उन्होंने तेल अवीव की ओर जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को हाईजैकिंग के खतरे से बचाया। घायल होने के बावजूद, स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला ताकि अन्य यात्री सह-पायलट को काबू कर सकें और विमान को सुरक्षित रख सकें।
यात्रियों की बहादुरी
स्मित के साथ चार अन्य इजरायली यात्रियों ने भी साहस का परिचय दिया और ओमानी मूल के हमलावर को काबू में करके एक बड़ा हादसा टाल दिया। इन यात्रियों में यानिव हयुन, ज्विका मानेस, असफ राजुआन और शोता मूसाएव शामिल हैं। आइए जानते हैं कि उन्होंने कैसे विमान को सुरक्षित रखा।
यानिव हयुन की भूमिका
यानिव हयुन: इजरायली यात्री यानिव हयुन सबसे पहले कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने बताया कि कैप्टन स्मित ने गिरने से पहले साहस और सूझबूझ दिखाई। कॉकपिट में प्रवेश करते ही उन्होंने देखा कि ओमानी को-पायलट विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। हयुन ने कहा, "मैंने उसका गला दबाया और उसे बाहर की ओर खींचा।"
असाफ राजुआन का योगदान
असाफ राजुआन: एक बीमा कंपनी के मालिक, असाफ थाईलैंड से छुट्टियां बिताकर लौट रहे थे। उन्होंने भी विमान को सुरक्षित रखने में मदद की। उन्होंने कहा, "जब मैं कॉकपिट में पहुंचा, तो हर जगह खून था। ज्विका मानेस पहले ही वहां पहुंच चुके थे। सभी यात्रियों और चालक दल ने मिलकर हमलावर को काबू किया।"
ज्विका मानेस की कहानी
ज्विका मानेस: बैंक ल्यूमी के सीईओ, ज्विका ने विमान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, "जब मैं कॉकपिट में पहुंचा, तो वहां चारों ओर खून था। यह एक हॉरर फिल्म की तरह था। मैंने ओमानी को-पायलट को काबू करने में मदद की। यात्रियों ने हेडफोन की केबल निकालकर उसे बंधक बना लिया और 55 मिनट तक काबू में रखा।"
शोता मुसाएव की सराहना
शोता मुसाएव: एक दंत चिकित्सक, शोता ने हमले में घायल पायलट स्मित को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पहले हमलावर को काबू किया और फिर कैप्टन स्मित की मदद की। शोता ने कहा, "पायलट की हालत गंभीर थी, सिर और हाथों से खून बह रहा था। हमने किसी तरह खून बहने को रोका। अगर हम ऐसा नहीं करते, तो शायद आज हम जिंदा नहीं होते।"