कैलिफोर्निया में शालिनी ठाकुर की हत्या: क्या थी रोहित की भूमिका?
शालिनी ठाकुर की हत्या का मामला
नई दिल्ली: कैलिफोर्निया में 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में यह सामने आया है कि 22 वर्षीय रोहित लंबे समय से उनका पीछा कर रहा था और उन्हें परेशान कर रहा था। शालिनी की हत्या से पहले कई घटनाएं हुई थीं, जिन्हें खतरे की चेतावनी माना जा सकता है। उनकी कार के नीचे एक Apple AirTag छिपा मिला था, और उनके टायरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा, काम पर जाते समय भी उनका पीछा किया गया था।
हत्या की योजना कैसे बनी
सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, रोहित ने शालिनी के घर की चाबी की कॉपी भी बना ली थी। एक बार वह उनके सोते समय घर में घुस आया था। परेशान होकर, शालिनी ने पुलिस से शिकायत की और मई में रोहित के खिलाफ नागरिक उत्पीड़न निषेधाज्ञा प्राप्त की। इस आदेश के तहत उसे शालिनी, उनके घर और कार्यस्थल से दूर रहने का निर्देश दिया गया था।
शालिनी का अंतिम समय
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई को शालिनी ने फिर से अधिकारियों से संपर्क किया था। उनके घर पर किराने का सामान पहुंचा था, और उन्हें शक था कि इसके पीछे रोहित का हाथ है। जांच के दौरान, पुलिस को लगा कि रोहित ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार था। पुलिस ने उसके घर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह नहीं मिला।
कुछ समय बाद, मंगलवार को शालिनी पर हमला हुआ। सैक्रामेंटो के आर्डेन-आर्केड क्षेत्र में एक शॉपिंग प्लाजा के बाहर, जब वह अपने काम पर पहुंची थीं, रोहित वहां आया और दोनों के बीच बहस हुई। शालिनी ने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। गिरने के बाद भी उसने एक और गोली चलाई। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो शालिनी बेहोश मिलीं और मेडिकल टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रोहित की आत्महत्या
हत्या के बाद, पुलिस ने गवाहों की मदद से रोहित की कार को ट्रैक किया, जो हाईवे 50 पर मिली। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद रोहित ने खुद को गोली मार ली। अधिकारियों ने बताया कि उसकी भी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस की गोली से उसकी मौत होने के संकेत नहीं मिले हैं।
शालिनी की मां ने इस घटना के बाद पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने पहले ही खतरे की शिकायत की थी, फिर भी उसकी सुरक्षा नहीं की गई। वहीं, शेरिफ कार्यालय ने कहा कि अधिकारी कई महीनों से शालिनी के संपर्क में थे और उन्हें कानूनी सुरक्षा लेने की सलाह दी थी। मामले की जांच अभी भी जारी है।