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क्या FIFA ने ट्रंप को शांति पुरस्कार देकर राजनीतिक तटस्थता को खतरे में डाला?

नॉर्वे फुटबॉल महासंघ ने फीफा से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिए गए शांति पुरस्कार की प्रक्रिया की जांच की मांग की है। इस विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब मानवाधिकार संगठन ने भी इस पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के पुरस्कार से फीफा की राजनीतिक तटस्थता प्रभावित हो सकती है। जानें इस मामले में क्या कहा गया है और ट्रंप तथा फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के बीच संबंधों पर क्या चर्चा हो रही है।
 

नॉर्वे फुटबॉल महासंघ की जांच की मांग


नई दिल्ली: नॉर्वे फुटबॉल महासंघ (एनएफएफ) ने फीफा की नैतिकता समिति से अनुरोध किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिए गए शांति पुरस्कार की प्रक्रिया की जांच की जाए। एनएफएफ ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की कि उसने फीफा की एथिक्स कमेटी से इस पुरस्कार की समीक्षा करने का आग्रह किया है।


ट्रंप को पुरस्कार देने पर उठे सवाल

यह पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति को फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो द्वारा 6 दिसंबर को 2026 फीफा विश्व कप ड्रॉ समारोह में प्रदान किया गया था। इसके बाद से कई संगठनों और फुटबॉल से जुड़े व्यक्तियों ने इस पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का मानना है कि इस तरह के सम्मान से फीफा की राजनीतिक तटस्थता पर असर पड़ सकता है।


मानवाधिकार संगठन की शिकायत

इस विवाद ने तब और तूल पकड़ा जब मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने फीफा की नैतिकता समिति के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। संगठन का आरोप है कि इन्फेंटिनो ने ट्रंप के प्रति सार्वजनिक समर्थन दिखाकर निष्पक्षता के अपने दायित्व का उल्लंघन किया है। फेयरस्क्वेयर का कहना है कि खेल संस्थाओं को किसी भी राजनीतिक नेता के पक्ष में झुकाव नहीं दिखाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।


पुरस्कार की पारदर्शिता पर सवाल

विवाद का एक और पहलू यह है कि फीफा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि शांति पुरस्कार के लिए किन मानदंडों का पालन किया गया। आलोचकों का कहना है कि पुरस्कार देने की प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यह पुरस्कार उस समय दिया गया जब ट्रंप और उनके समर्थक नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रयासरत थे, जिससे फीफा के इस निर्णय पर और बहस बढ़ गई।


एनएफएफ अध्यक्ष का बयान

नॉर्वे फुटबॉल महासंघ की अध्यक्ष लिसे क्लेवेनेस ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा स्वतंत्र रूप से उठाया है। उनके अनुसार, अन्य फुटबॉल संघ इस पहल का समर्थन कर सकते थे, लेकिन उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया। उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि निष्पक्ष समीक्षा सुनिश्चित करना है। क्लेवेनेस का मानना है कि खेल संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्पष्टता और जवाबदेही आवश्यक है।


ट्रंप और इन्फेंटिनो के संबंध

पिछले कुछ वर्षों में, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे संबंधों की चर्चा होती रही है। विशेष रूप से 2026 फीफा विश्व कप, जिसकी मेज़बानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे, से पहले दोनों नेताओं के बीच लगातार संपर्क देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े आयोजन से पहले फीफा और अमेरिकी प्रशासन के बीच सहयोग स्वाभाविक है, लेकिन खेल संस्थाओं को अपनी निष्पक्ष छवि बनाए रखने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।