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क्या अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता सफल होगा या संकट बढ़ेगा?

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक नया युद्धविराम समझौता हुआ है, लेकिन इसके लागू होते ही तनाव बढ़ गया है। इजराइल ने लेबनान पर हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे कई देशों में चिंता बढ़ गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। क्या यह समझौता स्थायी होगा या स्थिति और बिगड़ेगी? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

मध्य पूर्व में संघर्ष के बाद युद्धविराम समझौता


नई दिल्ली: मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक 10 बिंदुओं वाला युद्धविराम समझौता हुआ है। यह समझौता लगभग 40 दिनों की लड़ाई के बाद लागू हुआ, लेकिन इसकी घोषणा के कुछ ही घंटों बाद तनाव फिर से बढ़ गया, जिससे सीजफायर खतरे में पड़ गया।


समझौते की घोषणा और उसके उल्लंघन

बुधवार को जब युद्धविराम की घोषणा हुई, तो बाजारों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन रात होते-होते इजराइल ने लेबनान पर बड़े हमले शुरू कर दिए। बेरूत के वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिसमें लगभग 200 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। इजराइल का कहना है कि यह समझौता लेबनान पर हमलों को रोकने के लिए नहीं है।


ईरान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान भी शामिल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को युद्धविराम और इजराइल के हमलों में से एक को चुनना होगा, दोनों को एक साथ नहीं चलाया जा सकता।


ईरान का जवाब: होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना

लेबनान पर हमलों के जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल भी वसूल सकता है।


अमेरिका ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए होर्मुज को खोलने की मांग की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इसे अस्वीकार्य बताया और शांति वार्ता को जारी रखने की कोशिश की।


खाड़ी देशों पर हमलों का प्रभाव

ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी के कई देशों पर असर पड़ा है। यूएई ने युद्धविराम की शर्तों पर स्पष्टता की मांग की और चेतावनी दी कि अस्पष्टता से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।


कुवैत: तेल संयंत्रों, बिजली स्टेशनों और पानी शुद्धिकरण प्लांट्स को नुकसान हुआ।
संयुक्त अरब अमिरात: अबू धाबी में मिसाइल हमले के मलबे से आग लगी, जिसमें तीन लोग घायल हुए।
कतर: हवाई सुरक्षा प्रणाली ने सात मिसाइल-ड्रोन को मार गिराया।
सऊदी अरब: होर्मुज को बायपास करने वाली पाइपलाइन पर हमला हुआ।
बहरीन: मिसाइल और ड्रोन की सूचना मिली।


लेबनान में शोक और बाजारों पर असर

लेबनान ने राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे और झंडे आधे झुका दिए गए। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हमलों को रोकने के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास करने का आश्वासन दिया।


बुधवार को सीजफायर की खबर से कच्चे तेल की कीमतें ढाई फीसदी गिर गई थीं और शेयर बाजार (सेंसेक्स, निक्केई) में तेजी आई थी, लेकिन गुरुवार को हमलों की खबर से बाजार गिर गए। ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।


अमेरिका और इजराइल का रुख

अमेरिका में भी समझौते की शर्तों को लेकर भ्रम है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि लेबनान समझौते से बाहर है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान का सामना जारी रहेगा। पहले 24 घंटे में जो घटनाएं हुईं, उससे यह स्पष्ट है कि सीजफायर बहुत नाजुक है। शांति की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन तनाव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।