क्या अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष में बढ़ेगा ट्रंप का सैन्य हस्तक्षेप?
संघर्ष की स्थिति
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। हाल ही में इजरायल के हमले में ईरान के सुरक्षा सचिव अली लारीजानी की मृत्यु हो गई। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
ट्रंप की सैन्य योजना
एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप हजारों अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस तैनाती का उद्देश्य ट्रंप को युद्ध के मैदान में अधिक मजबूत बनाना है।
नई रणनीति का खाका
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन मध्य पूर्व में अपने ऑपरेशनों को मजबूत करने के लिए सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी इस योजना पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर ध्यान
ट्रंप का इरादा है कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती से होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसमें हवाई और नौसैनिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
खार्ग द्वीप पर संभावित कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारी ईरान के खार्ग द्वीप पर सेना भेजने की योजना बना रहे हैं, जो ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90% संभालता है। हालांकि, एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यह ऑपरेशन अत्यधिक जोखिम भरा हो सकता है।
यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण
ट्रंप प्रशासन ईरान के यूरेनियम भंडार को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी विशेष बलों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।