क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में अपनी शर्तें लागू करेगा? रक्षा सचिव का बड़ा बयान
अमेरिकी रक्षा सचिव का बयान
नई दिल्ली : मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका इस युद्ध को अपनी शर्तों पर समाप्त करने के लिए तैयार है। हेगसेथ ने यह भी उल्लेख किया कि जो सरकार 'अमेरिका की मौत' का नारा लगाती थी, उसे अब उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। यह बयान तब आया है जब ईरान और इजरायल के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुँच चुका है।
अमेरिका की जीत की प्रतिबद्धता
हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना अब किसी देश में लोकतंत्र स्थापित करने के प्रयास में नहीं लगेगी। उनका कहना है कि वे केवल विजय पर ध्यान केंद्रित करेंगे, न कि किसी राजनीतिक जाल में फंसने पर। उन्होंने कहा कि अब कोई राजनीतिक शिष्टाचार नहीं निभाया जाएगा, बल्कि पूरी सैन्य शक्ति से प्रहार किया जाएगा। अमेरिका अब अपने समय और सैनिकों की जान को बेकार के प्रयोग में बर्बाद नहीं करना चाहता। उनका लक्ष्य केवल पूर्ण विजय है।
ईरान के सैन्य ढांचे पर हमला
ईरान की सैन्य क्षमताओं पर प्रहार करते हुए, हेगसेथ ने कहा कि उनकी मिसाइल इकाइयाँ और नौसेना पूरी तरह से नष्ट कर दी जाएंगी। उनके अनुसार, अमेरिका के सर्जिकल हमले इतने प्रभावी होंगे कि ईरान को संभलने का मौका नहीं मिलेगा। हेगसेथ का दावा है कि अमेरिका की युद्धक क्षमताएँ लगातार मजबूत हो रही हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान कभी भी परमाणु बम बनाने का सपना पूरा नहीं कर पाएगा। अमेरिका बिना किसी माफी के ईरान पर हमले जारी रखेगा।
परमाणु हथियारों के लिए झूठ बोलने का आरोप
सुरक्षा के मुद्दे पर, हेगसेथ ने कहा कि अगर दुनिया के किसी भी कोने में अमेरिकियों को धमकी दी गई, तो अमेरिका दोषियों को समाप्त कर देगा। ओबामा प्रशासन की पुरानी डील को 'भयानक' बताते हुए, उन्होंने कहा कि ईरान ने झूठ बोलकर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश की थी। हेगसेथ का मानना है कि पूर्ववर्ती सरकारों की नरमी ने ईरान को मौका दिया था, लेकिन वर्तमान राष्ट्रपति की कड़ी निगरानी में अब ईरान के लिए अपनी घातक योजनाओं को अंजाम देना असंभव होगा।
तेहरान के खिलाफ एकतरफा युद्ध का अंत
हेगसेथ ने तेहरान की सरकार पर पिछले 47 वर्षों से अमेरिका के खिलाफ गुप्त युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेरूत के धमाकों से लेकर इराक में हुए हमलों तक, हर जगह ईरानी कुद्स फोर्स का हाथ रहा है। तेहरान ने हमेशा छद्म युद्ध के जरिए अमेरिकी सैनिकों का खून बहाया है। हेगसेथ का मानना है कि अब समय आ गया है कि इस एकतरफा हिंसा और विस्तारवादी सोच को समाप्त किया जाए ताकि वैश्विक शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
ट्रंप के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन के अंत में, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ईरान जैसी कट्टरपंथी ताकतों को नियंत्रित करने के लिए जिस साहस की आवश्यकता है, वह केवल ट्रंप में है। हेगसेथ के अनुसार, ट्रंप अपनी नीतियों में सुसंगत रहे हैं और उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के 'इस्लामी भ्रम' को केवल एक सशक्त अमेरिकी नेतृत्व ही तोड़ सकता है। यह युद्ध अब अमेरिका के गौरव और सम्मान की बहाली के लिए है।