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क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है? जानिए पूरी कहानी

अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने ईरान से जुड़े संभावित खतरों पर चेतावनी दी है, जिससे अमेरिकी नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास से कर्मचारियों की वापसी और क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बीच, क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेगा? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और ट्रंप प्रशासन की संभावित योजनाओं के बारे में।
 

ईरान से जुड़े खतरों पर अमेरिकी खुफिया निदेशक की चेतावनी


अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को चेतावनी दी है कि ईरान से उत्पन्न संभावित खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने की कोशिशें बढ़ सकती हैं। यह चेतावनी उस समय आई है जब अमेरिकी विदेश विभाग क्षेत्र में अपने राजनयिक केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा का आकलन कर रहा है।


सऊदी अरब में सुरक्षा समीक्षा के तहत कर्मचारियों की वापसी

सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास से गैरजरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने का निर्णय भी इसी सुरक्षा समीक्षा का हिस्सा है। हालांकि, इस चेतावनी को किसी निश्चित हमले की पुष्टि नहीं माना जा सकता। यह खुफिया आकलन और क्षेत्रीय हालात के आधार पर जारी की गई सुरक्षा संबंधी चिंता है।


विदेश मंत्री को भेजा गया ज्ञापन

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, क्लेटन ने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक ज्ञापन भेजा था। यह दस्तावेज गैर-वर्गीकृत श्रेणी में था, जिसका मतलब है कि इसकी जानकारी साझा करने पर गोपनीयता संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं था।


ज्ञापन में पश्चिम एशिया में अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ संभावित घातक साजिशों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। क्लेटन ने खुफिया जानकारी को साझा करने का प्रयास किया ताकि विदेश विभाग के कर्मचारी सुरक्षा स्थिति से अवगत हो सकें। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि विदेशों में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जाती है और नई सूचनाओं के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं।


क्षेत्र में अस्थिरता और हमलों का खतरा

क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का एक कारण हूती समूह के हमलों का खतरा भी बताया गया है। रिपोर्ट में सऊदी अधिकारियों के हवाले से हवाई अड्डों पर हुए हमलों और उनमें जानमाल के नुकसान का उल्लेख किया गया है।


10 अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 308 लोग घायल हुए। इन घटनाओं के बीच अमेरिकी प्रशासन अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। हमलों से जुड़े आंकड़ों और जिम्मेदारी संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।


क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा?

तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने इजरायली सेना के रेडियो से बातचीत में संभावना जताई कि सप्ताहांत तक ईरान पर हमला हो सकता है। जब उनसे इस सप्ताह के अंत में सैन्य कार्रवाई की आशंका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे इनकार नहीं किया।


बराक ने यह भी कहा कि ट्रंप समझौते के लिए तैयार हैं और दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। उनके अनुसार, समझौता न हो पाने के लिए ईरान जिम्मेदार है। यह उनका आकलन है; इसे किसी सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।


ट्रंप के बयान से बढ़ी अटकलें

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान के खिलाफ एक और सीमित सैन्य अभियान की संभावना का जिक्र किया। उनके बयान और खुफिया प्रमुख की चेतावनी के बाद क्षेत्र में आगे की कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।


फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या वाशिंगटन कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाएगा या सैन्य विकल्प पर विचार करेगा। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन के आधिकारिक बयानों और क्षेत्रीय घटनाक्रम से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।