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क्या अमेरिका-ईरान तनाव में पाकिस्तान की मध्यस्थता से आएगी राहत?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जबकि सीजफायर लागू है। अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन बातचीत की स्थिति अभी भी संकट में है। क्या पाकिस्तान की पहल से शांति की उम्मीद की जा सकती है? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में।
 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू है, लेकिन तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। अमेरिकी सेना ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में उड़ रहे दो ईरानी ड्रोन को नष्ट कर दिया। सेना का कहना है कि ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन गए थे। इस कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है।


100 दिन से जारी संघर्ष

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष अब 100वें दिन में प्रवेश कर चुका है। युद्धविराम को स्थायी समझौते में बदलने की कोशिशें कई बार विफल हो चुकी हैं। इस लंबे तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ रहा है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक आने के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर घरेलू दबाव भी बढ़ता जा रहा है।


इस बीच, शनिवार को ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन और कुवैत पर कई मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में नाराजगी बढ़ गई और 8 अप्रैल को हुए सीजफायर पर सवाल उठने लगे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के हालिया हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया और वॉशिंगटन पर उकसावे का आरोप लगाया।


पाकिस्तान की मध्यस्थता की पहल

तनाव के इस माहौल में पाकिस्तान ने एक बार फिर मध्यस्थता की कोशिश की है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी रविवार को अचानक तेहरान पहुंचे। उनके साथ सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का ईरान के सर्वोच्च नेता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी था।


नकवी ने कहा कि यह संदेश बहुत महत्वपूर्ण है और बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही है। शंघाई सहयोग संगठन की बिश्केक बैठक में उनकी मुलाकात ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से हुई थी, जिसके बाद यह दौरा तय हुआ।


पाकिस्तान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। इस्लामाबाद का मानना है कि यदि बातचीत फिर से शुरू होती है, तो क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है।


बातचीत की स्थिति पर संकट

ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत फिलहाल ठप है। उन्होंने ट्रंप से गतिरोध खत्म करने की अपील की और ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को रिलीज करने की मांग की।


वहीं, अमेरिका की ओर से संकेत मिले हैं कि उन फंड्स का इस्तेमाल खाड़ी देशों में ईरानी हमलों से हुए नुकसान की भरपाई में किया जा सकता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करना आसान नहीं लग रहा है। अब यह देखना है कि पाकिस्तान की पहल से बातचीत की मेज फिर सजती है या नहीं।