क्या अमेरिका-ईरान तनाव से पाकिस्तान में बढ़ेगा संकट? जानें जनरल आसिम मुनीर की आपात बैठक के बारे में
अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर बयान
नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए प्रेरित किया गया है और मदद पहुंचाई जा रही है। इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि अमेरिका ईरान में प्रदर्शनकारियों को किस प्रकार की सहायता देने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर सकता है। वहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सैन्य हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका कड़ा जवाब देगा।
पाकिस्तान में आपात बैठक का आयोजन
पाक फील्ड मार्शल ने बुलाई आपात बैठक
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान को भी अस्थिर स्थिति में ला दिया है। पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष होता है, तो देश की समस्याएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने आपात बैठक बुलाई।
ईरान सीमा पर संकट की गंभीरता
ईरान सीमा पर संकट पाकिस्तान के लिए खतरनाक
सूत्रों के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक में ISI प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल असीम मलिक, साउदर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम, मिलिट्री इंटेलिजेंस प्रमुख और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ समेत अन्य वरिष्ठ जनरल शामिल हुए। बैठक में मुख्य चिंता पाकिस्तान-ईरान सीमा और पहले से तनावग्रस्त अफगान सीमा की स्थिति पर केंद्रित रही। अधिकारियों ने चेताया कि ईरान सीमा पर संकट पाकिस्तान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
संभावित अमेरिकी दबाव और आंतरिक अशांति
संभावित अमेरिकी दबाव और देश के अंदर अशांति
बैठक में यह आशंका भी जताई गई कि यदि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो वह पाकिस्तान से हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की मांग कर सकता है। इस स्थिति में पाकिस्तान के लिए निर्णय लेना कठिन होगा क्योंकि इससे देश के भीतर राजनीतिक विरोध और क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान में लगभग 30 प्रतिशत आबादी शिया समुदाय की है, जो ईरान के प्रति सहानुभूति रखती है। यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और अशांति फैलने की संभावना है।
जनरल आसिम मुनीर के निर्देश
आसिम मुनीर ने दिए ये निर्देश
जनरल आसिम मुनीर ने सभी वरिष्ठ कमांडरों को हाई अलर्ट पर रहने और हालात पर करीबी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ISI प्रमुख को ईरान, तुर्की, कतर, यूएई, सऊदी अरब और अमेरिका के साथ राजनयिक और सुरक्षा बातचीत तेज करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटा जा सके।
पश्चिम एशिया की अस्थिरता
अस्थिर हो सकता है पूरा पश्चिम एशिया
खुफिया आकलन में कहा गया है कि पाकिस्तान ने पहले ही अमेरिका को यह स्पष्ट किया है कि ईरान पर हमला पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, यदि अमेरिकी दबाव बढ़ता है और पाकिस्तान को सहयोग के लिए मजबूर किया जाता है, तो इस्लामाबाद को गंभीर रणनीतिक और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
घरेलू मोर्चे पर एकजुटता का संदेश
देश के भीतर एकजुटता का संदेश
बाहरी दबावों के बीच पाकिस्तान ने घरेलू मोर्चे पर भी तैयारी शुरू कर दी है। सेना मुख्यालय ने नेशनल पैग़ाम-ए-अमन कमेटी के तहत धार्मिक विद्वानों का प्रतिनिधिमंडल बुलाया। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के भीतर एकजुट संदेश फैलाने पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि भारत और सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे मनोवैज्ञानिक युद्ध का जवाब साझा राष्ट्रीय नैरेटिव से दिया जाना चाहिए। इस प्रकार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बना है, बल्कि पाकिस्तान को रणनीतिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सावधानी बरतने के लिए मजबूर कर रहा है।