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क्या अमेरिका ईरान पर नए सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है? ट्रंप ने दिए संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर संभावित सैन्य हमले के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष जल्द समाप्त होगा और तेल की कीमतें गिरेंगी। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में बढ़त बनाए हुए है। ईरान के नए प्रस्ताव को ट्रंप ने नामंजूर कर दिया है, जबकि ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत के लिए अपनी तत्परता दिखाई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

संभावित सैन्य कार्रवाई पर ट्रंप का बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर नए सैन्य हमले की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष जल्द समाप्त होगा और तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। रविवार को फॉक्स न्यूज के एक सवाल पर, कि क्या चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई हो सकती है, ट्रंप ने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि ऐसा होना संभव है, लेकिन वे इस पर खुलकर बात नहीं करना चाहते। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वे दोबारा हमले शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो उनका जवाब था कि वे इस बारे में हमेशा सोचते रहते हैं।


अमेरिका की स्थिति पर ट्रंप का दावा

"दोनों मोर्चों पर जीत रहे हैं"


ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की मुहिम में बढ़त बनाए हुए है। उनके अनुसार, सैन्य दृष्टि से जीत हासिल हो चुकी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कार्रवाई रोक दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था और सेना दोनों ही कमजोर हो चुकी हैं।


तेल की कीमतों पर ट्रंप का दावा

तेल के दाम और होर्मुज का दावा


PGA टूर के प्रेसिडेंट्स कप के दौरान ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतें उस स्तर पर लौट आएंगी जहां वे लड़ाई से पहले थीं। उन्होंने यह भी बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकलने का दावा किया, जो उनके अनुसार युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से भी अधिक था।


ईरान के साथ बातचीत की स्थिति

ईरान का प्रस्ताव नामंजूर


ट्रंप को उम्मीद है कि इस हफ्ते ईरान से और बातचीत होगी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान का नया प्रस्ताव अमेरिका की शर्तों पर खरा नहीं उतरता। उनके अनुसार, ऐसा समझौता शायद एक साल पहले मंजूर हो जाता, लेकिन ईरान ने अपनी स्थिति को गलत समझा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने CBS के कार्यक्रम में कहा कि उनका देश बातचीत में शामिल है और परमाणु कार्यक्रम की सीमाओं पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को पहुंच देने की बात भी कही, बशर्ते अमेरिका सत्ता बदलने की कोशिश न करे।


वहीं विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन कूटनीति का रास्ता भी खुला है और अगला कदम ट्रंप को तय करना है।