क्या अमेरिका-ईरान युद्ध में सैनिकों की मौत के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं?
नई दिल्ली में उठे सवाल
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच एक नई रिपोर्ट ने अमेरिकी रक्षा विभाग में हलचल पैदा कर दी है। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक खबर में बताया गया है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से कम से कम 22 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, जो पेंटागन के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक है। इस खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों की जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग के छह अधिकारियों द्वारा दी गई है। इनमें से पांच ने पुष्टि की है कि कुल 22 सैनिकों की मौत हुई है, जबकि एक अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक 23 अमेरिकी जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन मौतों का सभी का सीधा संबंध युद्ध से नहीं है। इसमें उन सैनिकों की मौत भी शामिल हो सकती है, जो अन्य कारणों से मारे गए हैं।
पेंटागन के आंकड़े
पेंटागन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक DCAS सिस्टम में केवल 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत दर्ज की गई थी। इसमें युद्ध और गैर-युद्ध दोनों प्रकार की परिस्थितियों में हुई मौतें शामिल हैं। अधिकारियों ने नए आंकड़ों में तीन अमेरिकी कॉन्ट्रैक्टरों की मौत की जानकारी भी दी है।
अभी भी अस्पष्टता
रिपोर्ट में जिन अतिरिक्त मौतों का जिक्र किया गया है, उनके बारे में अभी तक कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। मृतकों की पहचान, उनकी मौत का समय, स्थान और परिस्थितियों के बारे में भी स्पष्टता नहीं है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
रक्षा मंत्री का बयान
इस रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने पेंटागन पर सैनिकों की मौत के आंकड़े छिपाने के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया। इस मामले में विवाद अभी भी जारी है, और असली आंकड़ों के बारे में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।