क्या अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खत्म होगा? कतर में हो रही है महत्वपूर्ण बैठक
पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका कम
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में एक संभावित युद्ध की स्थिति अब थोड़ी स्थिर होती नजर आ रही है। हाल के दिनों में, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद, दोनों देशों ने अस्थायी रूप से हमले रोकने पर सहमति जताई है। इस नाजुक शांति को बनाए रखने के लिए, दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं।
बमबारी के बाद स्थिति में बदलाव
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर ईरानी हमले के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। 24 घंटे के भीतर, अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों और ड्रोन केंद्रों पर दो बार हवाई हमले किए। इसके जवाब में, ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
बातचीत का स्थान स्विट्जरलैंड से कतर में स्थानांतरित
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने यह तय किया है कि कतर में बातचीत के दौरान सभी प्रकार की 'काइनेटिक गतिविधियों' को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। प्रारंभ में, यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए निर्धारित की गई थी। लेकिन हालिया सैन्य टकराव के कारण, राजनयिकों ने बैठक का स्थान बदलकर दोहा कर दिया और इसका एजेंडा केवल होर्मुज विवाद पर केंद्रित कर दिया। इस बैठक में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट भी शामिल हो सकते हैं।
समझौते में उलझन
दोनों देशों के बीच हुए प्रारंभिक समझौते के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का आश्वासन दिया था, जिसके बदले अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटानी थी। टकराव से बचने के लिए, अमेरिकी सेना और ईरानी आईआरजीसी (IRGC) के बीच एक सीधी हॉटलाइन स्थापित करने की योजना थी, जो तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो सकी।
जहाजों की आवाजाही में सामान्य स्थिति
इस बीच, ईरान ने एक नई मांग रखी है कि होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को सीधे ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। अमेरिका का कहना है कि यह मांग मूल समझौते का उल्लंघन करती है। फिलहाल, इस वार्ता के दौरान होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य रहेगी, जिससे वैश्विक बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई है।