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क्या अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में होगी ऐतिहासिक वार्ता? जानें पूरी कहानी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में वार्ता होने जा रही है। यह बैठक ईरान द्वारा अनुरोध की गई है और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। जानें इस वार्ता के संभावित परिणाम और दोनों देशों के बीच के जटिल संबंधों के बारे में। क्या यह वार्ता तनाव को कम करने में सफल होगी? पढ़ें पूरी कहानी।
 

नई दिल्ली में ट्रंप का बड़ा ऐलान


नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को कतर के दोहा में बातचीत होने जा रही है। ट्रंप ने बताया कि यह बैठक ईरान की ओर से अनुरोध की गई थी। यह घोषणा होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच की गई है। हाल ही में ओमान के निकट एक कंटेनर जहाज पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति बिगड़ गई थी।


ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर बड़ा बयान

ट्रुथ सोशल पर बड़े अक्षरों में किया ऐलान   


80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर बड़े अक्षरों में लिखा, "ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी।" यह वार्ता होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित विवाद पर केंद्रित होगी, जो अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव का कारण बना हुआ है।


ईरान और अमेरिका के बीच जलमार्ग का विवाद

होर्मुज पर नियंत्रण चाहता है ईरान, अमेरिका खुला रखना चाहता है रास्ता    


ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना नियंत्रण चाहता है, जबकि अमेरिका का जोर है कि होर्मुज हमेशा खुला रहना चाहिए। पिछले हफ्ते, ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद तेहरान ने भी पलटवार किया।


हालांकि, 'एक्सियोस' से बातचीत करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार हैं। अधिकारी के अनुसार अब जहाज "आसानी से" आ-जा सकते हैं।


बैठक में नेतृत्व का सवाल

बैठक में कौन होगा शामिल, अभी साफ नहीं   


अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोहा में होने वाली वार्ता में दोनों देशों का नेतृत्व कौन करेगा। होर्मुज वैश्विक सप्लाई चेन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है।


शांति समझौते के तहत दोनों पक्ष होर्मुज में ट्रैफिक के लिए "हॉटलाइन" स्थापित करने पर सहमत हुए थे, लेकिन शनिवार तक यह शुरू नहीं हो पाई थी, जबकि ईरान का दावा था कि जहाज गुजर रहे हैं।


ईरान और ओमान की बैठक

ईरान-ओमान ने की संयुक्त समिति की पहली बैठक   


सोमवार को ईरान ने बताया कि उसने होर्मुज के प्रबंधन पर ओमान के साथ बैठक की। ईरान और ओमान दोनों की सीमा होर्मुज से लगती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ये देश आवाजाही को रोक नहीं सकते या टोल नहीं वसूल सकते।


ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने 'X' पर लिखा, "मस्कट यात्रा के दौरान संयुक्त होर्मुज समिति की पहली बैठक हुई। जलडमरूमध्य से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की गई और भविष्य के प्रबंधन पर राय ली गई।"


विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान होर्मुज पर दबदबा बनाए रखना चाहता है। लंदन के थिंक टैंक 'रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट' के एच.ए. हेलेयर ने कहा कि ईरान के लिए जलडमरूमध्य में नियंत्रित दबाव के साथ लंबी बातचीत फायदेमंद हो सकती है।