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क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करेगा?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को एक नए संकट में डाल दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया विवादास्पद बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ईंधन की कीमतों को स्वीकार करने की अपील की है। ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव का असर वैश्विक तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नया संकट


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया विवादास्पद बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को एक नए संकट के कगार पर ला खड़ा किया है। ट्रंप ने नागरिकों से अपील की है कि यदि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए स्वीकार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने ईरान पर जीत के बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का विवादास्पद ऐलान किया। इस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


ट्रंप की दलील और घरेलू राजनीति का दबाव

न्यू यॉर्क के गार्डेन सिटी में एक जनसभा में ट्रंप ने कहा कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतें एक 'खतरनाक देश' को परमाणु शक्ति बनने से रोकने का आवश्यक मूल्य हैं।


VIDEO | Garden City: "I will soon declare the Strait of Hormuz US territory," said US President Donald Trump.

(Source: White House YT)

(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/lPaWReTKH9

— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026


ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के खिलाफ उठाए गए कदमों के लिए कभी माफी नहीं मांगेंगे। चुनाव के समय ऊर्जा दरें कम रखने के वादे और बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल की कीमतें लगभग $4 प्रति गैलन तक पहुंच गई हैं, जिससे विपक्ष को हमले का मौका मिला है।


ईरान का करारा पलटवार

ट्रंप के क्षेत्रीय दावे पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी बाहरी देश का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह जलमार्ग हमेशा से ईरान का रहा है।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जहां दुनिया के कुल तेल और तरल प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार होता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल की कीमतों पर पड़ता है।


हालिया तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में नौवहन बाधित होता है या सैन्य संघर्ष बढ़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा संकट और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।