क्या अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार संबंधों में आएगा बड़ा बदलाव? ट्रंप के टैरिफ से बढ़ी चिंता
यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिशों के चलते यूरोपीय संघ (ईयू) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिसके जवाब में ईयू संसद ने अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया है।
यह कदम पिछले साल हुए ट्रांसअटलांटिक समझौते को प्रभावित कर सकता है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करना था।
ट्रंप का टैरिफ प्रस्ताव
इस हफ्ते ट्रंप ने घोषणा की कि वे उन यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाएंगे, जो ग्रीनलैंड में सैनिक तैनात कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रीनलैंड की खरीद पर कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह शुल्क 1 जून से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है, जबकि यूरोपीय नेता इसे रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों के खिलाफ एक कदम मानते हैं, न कि अमेरिका को चुनौती देने के लिए।
ईयू की प्रतिक्रिया
ईयू परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने चेतावनी दी है कि यदि ये टैरिफ लागू होते हैं, तो यूरोपीय संघ सामूहिक रूप से जवाब देगा। ईयू संसद में राजनीतिक दलों ने तुरंत समझौते की मंजूरी रोक दी है। यूरोपीय पीपुल्स पार्टी के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने X पर लिखा कि जब तक ट्रंप ग्रीनलैंड से संबंधित धमकियां देते रहेंगे, तब तक सांसद किसी समझौते का समर्थन नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, "ईपीपी ईयू-अमेरिका व्यापार समझौते का समर्थन करता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में इसे मंजूर करना असंभव है। अमेरिकी उत्पादों पर शून्य-टैरिफ व्यवस्था को फिलहाल रोकना होगा।"
समझौते का इतिहास
पिछले साल जुलाई में ट्रंप और ईयू आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य ईयू सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को 15 प्रतिशत पर बनाए रखना और अमेरिकी निर्यात पर ईयू के शुल्क को कम करना था। लेकिन ग्रीनलैंड विवाद ने सब कुछ बदल दिया है।
ईयू संसद के सदस्य सिगफ्रीड मुरेन ने X पर लिखा कि समझौते की पुष्टि को फिलहाल टालना पड़ रहा है। मतदान से पहले स्थिति काफी नजदीकी थी, लेकिन अब संबंध बिगड़ने के कारण निर्णय स्थगित हो गया है।
जवाबी कार्रवाई की संभावना
कई ईयू नेता जवाबी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। रिन्यू यूरोप की व्यापार समन्वयक कैरिन कार्ल्सब्रो ने कहा कि संसद इस हफ्ते समझौते को हरी झंडी नहीं देगी। उन्होंने पोलिटिको से बातचीत में बताया, "अगर दबाव जारी रहा, तो हम जवाबी टैरिफ या 'एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट' का इस्तेमाल कर सकते हैं।" यह तंत्र ईयू को उन देशों के खिलाफ निवेश, खरीद और बौद्धिक संपदा पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है, जो व्यापार पर दबाव डालते हैं।