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क्या अमेरिका के इरादे कनाडा के लिए खतरा बन रहे हैं? ट्रंप की तस्वीर ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा की गई एक तस्वीर ने कनाडा में चिंता की लहर पैदा कर दी है। इस तस्वीर में कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी ध्वज के रंग में दर्शाया गया है, जिससे कनाडा को अमेरिका के विस्तारवादी इरादों का संकेत मिला है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका की नीतियों पर कड़ा संदेश दिया है और देश ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है। जानें, इस घटनाक्रम का क्या असर हो सकता है।
 

ओटावा में ट्रंप की नई तस्वीर से हड़कंप


ओटावा (कनाडा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई गई तस्वीर साझा की, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी ध्वज के रंग में दर्शाया गया है। इस तस्वीर ने कई देशों को असहज कर दिया है, विशेष रूप से कनाडा को, जो इसे अमेरिका के विस्तारवादी इरादों का संकेत मान रहा है।


वेनेजुएला और ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कड़ा रुख

इस तस्वीर के पीछे की कहानी और भी गंभीर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़कर अमेरिका लाया गया है, जहां उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका पहले ही अपने दावे जता चुका है। ट्रंप प्रशासन ने न केवल ग्रीनलैंड को हासिल करने की बात की है, बल्कि वहां के निवासियों को प्रति व्यक्ति एक लाख अमेरिकी डॉलर देने का लालच भी दिया है। यहां तक कि बल प्रयोग के संकेत भी दिए गए हैं।


कनाडा की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं

इन घटनाओं के बीच, कनाडा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि कनाडा को 'ग्रेटर अमेरिका' का हिस्सा बनना चाहिए। इसी कारण कनाडा की चिंताएं अब खुलकर सामने आ रही हैं। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बिना किसी देश का नाम लिए अमेरिका की नीतियों पर कड़ा संदेश दिया।


मार्क कार्नी का स्पष्ट संदेश

मार्क कार्नी ने कहा कि वर्तमान में कुछ देश आर्थिक सहयोग को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। टैरिफ को दबाव बनाने का एक साधन बना दिया गया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम ताकत वाले देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए, क्योंकि अगर वे निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रहेंगे, तो वे फैसलों का शिकार बन जाएंगे। उनका यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका की व्यापार नीति की ओर इशारा करता है।


कनाडा की सुरक्षा पर ध्यान

कनाडा की चिंताएं केवल बयानों तक सीमित नहीं हैं। उसने अपनी दक्षिणी सीमा को मजबूत करने के लिए लगभग एक अरब डॉलर खर्च किए हैं। इसके अलावा, आने वाले वर्षों में उत्तरी सीमा की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करने की योजना है। माना जा रहा है कि अमेरिका के रुख ने कनाडा को सतर्क कर दिया है और वह किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार हो रहा है।


ग्रीनलैंड के समर्थन में कनाडा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, कनाडा ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के समर्थन का ऐलान किया है। मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करने का अधिकार केवल ग्रीनलैंड और डेनमार्क के पास है। कनाडा उनके साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रहा है।


नई साझेदारियों की खोज

अब कनाडा चीन, रूस और भारत जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहा है। उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में समान सोच वाले देशों का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है। ट्रंप की नीतियों और संकेतों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां शक्तिशाली देश खुलकर दबाव की रणनीति अपना रहे हैं।