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क्या अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश हो रही है? जानिए चौंकाने वाले तथ्य

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए बड़े पैमाने पर धन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। 'इंटरनेशनल ट्रंप असैसिनेशन रिवार्ड कैंपेन' नामक इस अभियान में सोशल मीडिया, वेबसाइटों और SMS के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहायता मांगी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान के तहत 100 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की बात कही जा रही है। क्या यह साजिश सच है? जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।
 

चौंकाने वाला मामला: ट्रंप की हत्या की साजिश


नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए बड़े पैमाने पर धन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान न केवल ईरान में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय बन गया है।


फंडिंग का अभियान: सोशल मीडिया पर सक्रियता

रिपोर्टों के अनुसार, 'इंटरनेशनल ट्रंप असैसिनेशन रिवार्ड कैंपेन' नामक यह अभियान सोशल मीडिया, वेबसाइटों और SMS के माध्यम से तेजी से फैल रहा है। इसमें लोगों से आर्थिक सहायता और भागीदारी की अपील की जा रही है।


क्राउडफंडिंग से जुटाए जा रहे करोड़ों डॉलर

इस अभियान की एक चौंकाने वाली विशेषता यह है कि इसमें संभावित हमलावर को इनाम देने के लिए क्राउडफंडिंग के माध्यम से धन इकट्ठा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस इनाम की राशि 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।


अभियान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) से भी कुछ लोगों ने इसमें योगदान दिया है।


सोशल मीडिया और ऐप्स पर सक्रिय नेटवर्क

जांच में यह सामने आया है कि ईरान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेष रूप से 'रुबिका' और 'बले' जैसे घरेलू ऐप्स पर ऐसे चैनल सक्रिय हैं, जो इस कैंपेन का प्रचार कर रहे हैं।


रुबिका ऐप पर 'Kill Trump' नामक एक चैनल में ट्रंप को निशाने पर दिखाया गया है, जिसमें 2.3 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। वहीं, बले ऐप पर भी लगभग दो हजार सदस्यों वाला एक चैनल इस अभियान का समर्थन कर रहा है।


वेबसाइट्स के जरिए भी फैलाया जा रहा अभियान

यह अभियान कुछ वेबसाइटों के माध्यम से भी संचालित हो रहा है, जो खुद को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के जवाब में पेश कर रही हैं।


कैंपेन का घोषित उद्देश्य उस व्यक्ति के लिए इनाम की राशि जुटाना है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या करेगा। दावा किया गया है कि अब तक 2.8 लाख समर्थक इससे जुड़ चुके हैं और 23 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई जा चुकी है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


SMS के जरिए भी लोगों को जोड़ा जा रहा

ईरान से जुड़े मामलों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों के अनुसार, लोगों को SMS के माध्यम से इस अभियान से जुड़ने के लिए संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में वेबसाइट लिंक और ऐप्स के जरिए रजिस्ट्रेशन और फंडिंग की अपील की जा रही है।


मैसेज के शीर्ष पर 'ट्रंप की हत्या के इनाम के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान' लिखा हुआ पाया गया है।


इनाम के पोस्टर और हैकिंग ग्रुप की एंट्री

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर्स में ट्रंप की हत्या के लिए 100 मिलियन डॉलर के इनाम का दावा किया गया है। इसके अलावा, ईरान से जुड़े एक हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' ने भी ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए 50 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है।


यह कदम अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा IRGC के प्रमुख सदस्यों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम के जवाब में बताया जा रहा है। जिन लोगों पर इनाम रखा गया है, उनकी सूची में ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल बताया गया है।