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क्या अमेरिका ने पाकिस्तानियों के लिए इमिग्रेंट वीजा पर लगाई रोक? जानें पूरी कहानी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की प्रशंसा की थी, लेकिन अब अमेरिका ने पाकिस्तान सहित 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा की प्रक्रिया को रोक दिया है। यह निर्णय 21 जनवरी 2026 से लागू होगा और इससे पाकिस्तानियों के अमेरिका में बसने, काम करने और परिवार से मिलने की योजनाएं प्रभावित होंगी। जानें इस फैसले के पीछे का कारण और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया।
 

ट्रंप का पाकिस्तान के आर्मी चीफ के प्रति सम्मान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की कई बार प्रशंसा की है। उन्होंने मुनीर को 'माई फेवरिट जनरल', 'हाइली रिस्पेक्टेड जनरल' और 'फील्ड मार्शल' जैसे विशेषणों से नवाजा। ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर को 'ग्रेट पीपल' भी कहा।


अमेरिका का नया वीजा निर्णय

पाकिस्तानी नेतृत्व को यह विश्वास था कि ट्रंप के साथ उनके संबंध मजबूत होंगे और अमेरिका से समर्थन प्राप्त होगा। लेकिन 14 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने पाकिस्तान में हलचल मचा दी।


75 देशों के लिए वीजा रोक


अमेरिका ने पाकिस्तान सहित 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा (स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड) की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। यह रोक 21 जनवरी 2026 से लागू होगी।


इमिग्रेंट वीजा वह वीजा है जो अमेरिका में स्थायी रूप से रहने, काम करने और नागरिकता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। इस निर्णय के कारण पाकिस्तानी नागरिक अब अमेरिका में अपने परिवार के साथ नहीं बस सकेंगे, न ही नौकरी कर सकेंगे और ग्रीन कार्ड भी नहीं प्राप्त कर सकेंगे।


पब्लिक चार्ज का मुद्दा

'पब्लिक चार्ज' का डर


अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इन 75 देशों के नागरिक अमेरिका में आकर सरकारी सहायता पर अधिक निर्भर हो सकते हैं। इसलिए 'पब्लिक चार्ज' नियम के तहत उन्हें अयोग्य माना जा रहा है।


उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि अमेरिका उन लोगों को रोक रहा है जो अमेरिकी नागरिकों की उदारता का गलत फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। यह रोक केवल इमिग्रेंट वीजा पर लागू है, जबकि टूरिस्ट, बिजनेस या स्टूडेंट वीजा प्रभावित नहीं होंगे।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान में आहत प्रतिक्रिया


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय पर आश्चर्य व्यक्त किया है। प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि वे अमेरिकी अधिकारियों से और जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पाकिस्तान को उम्मीद है कि जल्द ही प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। पाकिस्तानी मीडिया में यह बताया गया है कि इससे हजारों पाकिस्तानियों की अमेरिका जाने, पढ़ाई और काम की योजनाएं प्रभावित होंगी।


भारत पर कोई प्रभाव नहीं

भारत पर कोई असर नहीं


दिलचस्प बात यह है कि 75 देशों की सूची में भारत शामिल नहीं है। अमेरिका भारत के लिए इमिग्रेंट वीजा जारी करता रहेगा। पाकिस्तान में अब सवाल उठ रहे हैं कि जब ट्रंप मुनीर की इतनी तारीफ कर रहे थे, तो पाकिस्तानियों पर यह रोक क्यों लगाई गई।


ट्रंप की दूसरी टर्म में यह इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है, जो कानूनी इमिग्रेशन को और सख्त बनाने की दिशा में है। यह निर्णय पाकिस्तानियों के अमेरिकी सपनों पर एक बड़ा झटका है। पाकिस्तान अब अमेरिकी दूतावास से मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है।