×

क्या अमेरिका ने रूस के उप विदेश मंत्री को वीजा देने से किया इनकार? जानें पूरी कहानी

अमेरिका ने रूस के उप विदेश मंत्री एलेक्जेंडर एलिमोव को वीजा देने से इनकार कर दिया है, जिससे मॉस्को में नाराजगी फैल गई है। यह विवाद संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले उत्पन्न हुआ है, और रूस ने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताया है। अमेरिका पर आरोप है कि उसने मेज़बान देश के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया है। इस मुद्दे ने पहले से खराब चल रहे अमेरिका-रूस संबंधों में और तनाव बढ़ा दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
 

अमेरिका और रूस के बीच नया विवाद


नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के आगाज से पहले अमेरिका और रूस के बीच एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। अमेरिका ने रूस के उप विदेश मंत्री एलेक्जेंडर एलिमोव को वीजा देने से मना कर दिया है, जिससे रूस की सरकार नाराज है। मॉस्को ने इसे भेदभावपूर्ण और गैर-दोस्ताना कदम करार दिया है।


इस मामले की जानकारी रूसी विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संगठनों के निदेशक किरिल लॉग्विनोव ने साझा की। उन्होंने बताया कि एलिमोव संयुक्त राष्ट्र से संबंधित मामलों का संचालन करते हैं और उन्हें विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ UNGA की बैठक में भाग लेना था। महासभा की बैठक 22 सितंबर से न्यूयॉर्क में शुरू हो रही है।


अमेरिका की जिम्मेदारी का उल्लंघन

रूस का कहना है कि अमेरिका ने मेज़बान देश के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया है। लॉग्विनोव के अनुसार, रूसी अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक कार्यों के लिए भेजा जा रहा था, इसलिए वीजा का इनकार उचित नहीं है। अमेरिका ने अभी तक वीजा न देने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है।


मॉस्को ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है। मई 2026 में जब एलिमोव को सुरक्षा परिषद की बैठक में शामिल होना था, तब भी उन्हें अमेरिकी वीजा नहीं दिया गया था। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या न्यूयॉर्क में UN मुख्यालय होने के बावजूद रूसी अधिकारियों को बैठकों में भाग लेने में बाधा उत्पन्न की जा रही है। हालांकि, यह रोक केवल एलिमोव पर लागू है, और पूरे रूसी प्रतिनिधिमंडल या विदेश मंत्री लावरोव पर कोई प्रतिबंध नहीं है।


वीजा विवाद में बढ़ता तनाव

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने स्वीकार किया है कि महासभा से पहले रूस, फिलिस्तीन और अन्य देशों के प्रतिनिधियों के वीजा से संबंधित मुद्दे पूरी तरह से हल नहीं हुए हैं। UN का कहना है कि वह इस मामले पर वाशिंगटन के साथ लगातार संपर्क में है। यह विवाद उस समय उत्पन्न हुआ है जब यूक्रेन युद्ध, प्रतिबंधों और कूटनीतिक तनाव के कारण अमेरिका और रूस के संबंध पहले से ही खराब हैं। वीजा का मुद्दा अब दोनों देशों के बीच टकराव का एक नया मोर्चा बन गया है।


नियमों के अनुसार, अमेरिका को अपनी सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर वीजा देने का अधिकार है, लेकिन UN मुख्यालय का मेज़बान होने के नाते उससे यह अपेक्षा की जाती है कि वह सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को UN के कार्यों में भाग लेने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करे।