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क्या अमेरिका भारत और चीन पर 500% टैरिफ लगाने जा रहा है? जानें पूरी कहानी

अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन पर 500% टैरिफ लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। यह कदम रूस से सस्ते तेल खरीदने वाले देशों को दंडित करने के लिए उठाया गया है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर भी पड़ेगा। जानें इस विधेयक के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

अमेरिकी राजनीति में नया मोड़


नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिकी राजनीति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक व्यापार और कूटनीति में हलचल मचा दी है। एक अमेरिकी सीनेटर के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के तेल विवाद के चलते भारत और चीन जैसे देशों को 'दंडित' करने के लिए एक कठोर द्विदलीय विधेयक को मंजूरी दी है। इस निर्णय के बाद इन देशों पर अमेरिकी टैरिफ में भारी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।


टैरिफ में संभावित वृद्धि

सूत्रों के अनुसार, यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है, तो अगले सप्ताह से भारत और चीन पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ 500 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। यह कदम उन देशों के खिलाफ उठाया जाएगा, जो रूस से रियायती दरों पर तेल खरीद रहे हैं।


ट्रंप ने विधेयक को दी मंजूरी

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई एक 'सार्थक' बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी दी गई है। ग्राहम के अनुसार, इस बिल को अगले सप्ताह की शुरुआत में मतदान के लिए पेश किया जा सकता है।


भारत-चीन पर बढ़ेगा अमेरिकी दबाव

सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमंथल द्वारा प्रायोजित इस विधेयक के बारे में ग्राहम ने कहा कि यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर 'जबरदस्त दबाव' बनाने का अधिकार देगा। इसका उद्देश्य इन देशों को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोकना है, जिससे राष्ट्रपति पुतिन के यूक्रेन युद्ध को वित्तीय सहायता मिलती है।


यूक्रेन युद्ध से जुड़ा विधेयक

ग्राहम ने अपने बयान में कहा, 'यह विधेयक ऐसे समय में लाया गया है, जब यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन केवल बातें कर रहे हैं और निर्दोषों को मारना जारी रखे हुए हैं। यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को दंडित करने की अनुमति देगा जो पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन देने वाले सस्ते रूसी तेल खरीदते हैं।'


वैश्विक व्यापार पर संभावित प्रभाव

यदि यह विधेयक लागू होता है, तो इसका प्रभाव केवल भारत और चीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन पर भी व्यापक असर डाल सकता है। वर्तमान में पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिकी कांग्रेस में इस बिल को कितना समर्थन मिलता है।