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क्या अमेरिका-यूरोप व्यापार समझौता ठंडे बस्ते में? ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव

यूरोपीय संसद ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मांग और यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आया है। दावोस में उनके बयानों ने तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे यूरोपीय संघ में तीव्र विरोध देखने को मिला। इस स्थिति में व्यापार समझौते से संबंधित मतदान स्थगित कर दिया गया है, जिससे अमेरिका की प्रतिक्रिया और बढ़ने की संभावना है। क्या यह व्यापारिक टकराव का कारण बनेगा? जानिए पूरी कहानी।
 

यूरोपीय संसद का अस्थायी निलंबन


नई दिल्ली : यूरोपीय संसद ने बुधवार को अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर कार्यवाही को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मांग की और यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी दी।


दावोस में ट्रंप का बयान

दावोस में ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है। उन्होंने इसे एक रणनीतिक क्षेत्र बताया और कहा कि डेनमार्क अकेले ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड को लीज़ पर लेना बेवकूफी भरा निर्णय था।


यूरोपीय संसद की प्रतिक्रिया

यूरोपीय संसद में तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप की टिप्पणियों के बाद, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ में तीव्र विरोध देखने को मिला। ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, पर अमेरिका के दावों के कारण यूरोपीय देशों में नाराज़गी बढ़ गई। इसी कारण व्यापार समझौते से संबंधित विधायी कार्य को रोकने का निर्णय लिया गया।


टर्नबेरी समझौते के प्रस्ताव

टर्नबेरी समझौते के अहम प्रस्ताव
यूरोपीय संसद उस समय ऐसे विधायी प्रस्तावों पर चर्चा कर रही थी, जिनका उद्देश्य अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्कों को कम करना था। ये प्रस्ताव जुलाई में स्कॉटलैंड के टर्नबेरी में हुए EU-US समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसमें अमेरिकी लॉब्स्टर के आयात पर शून्य शुल्क का प्रावधान भी शामिल था।


समझौते की असमानता पर चिंता

असंतुलित समझौते को लेकर चिंता
कई यूरोपीय सांसदों ने इस व्यापार समझौते को असमान बताया है। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ को अधिकांश आयात शुल्क हटाने होंगे, जबकि अमेरिका लगभग 15 प्रतिशत का टैरिफ बनाए रखेगा। हालांकि, कुछ शर्तों के साथ समझौते को स्वीकार करने के संकेत पहले मिले थे।


मतदान स्थगित

मतदान टला, समझौता ठंडे बस्ते में
यूरोपीय संसद की व्यापार समिति को 26-27 जनवरी को इस समझौते पर मतदान करना था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। समिति के अध्यक्ष बेर्न्ड लैंगे ने कहा कि अमेरिका की टैरिफ धमकियों ने टर्नबेरी समझौते की बुनियाद को कमजोर कर दिया है।


व्यापारिक टकराव की संभावना

बढ़ सकता है व्यापारिक टकराव
इस समझौते को फ्रीज़ करने से अमेरिका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे अमेरिकी टैरिफ और बढ़ सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया है कि जब तक व्यापार समझौता लागू नहीं होता, तब तक वह किसी भी उत्पाद पर टैरिफ में रियायत नहीं देगा। इससे EU-US व्यापार संबंधों में और तनाव बढ़ने की आशंका है।