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क्या इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने चुनावों से पहले ईरान पर हमला करने की योजना बनाई थी?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए ईरान पर हमले की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों के विरोध और अमेरिका के हस्तक्षेप के कारण यह योजना विफल हो गई। पीएम कार्यालय ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने नेतन्याहू पर उकसावे की योजना बनाने का आरोप लगाया है। जानें इस विवादास्पद मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

नई दिल्ली में इजरायल के चुनावों की साजिश


नई दिल्ली: इजरायल में हाल ही में हुए आम चुनावों को प्रभावित करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कथित तौर पर ईरान पर हमला करने की योजना बनाई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने अपने करीबी सहयोगी मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन के साथ मिलकर यह रणनीति बनाई थी। इस योजना के तहत चुनाव से एक दिन पहले ईरान के खिलाफ एक सैन्य ऑपरेशन करने का विचार था, लेकिन अंततः इसे लागू नहीं किया गया।


सुरक्षा अधिकारियों का विरोध

इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया है कि नेतन्याहू और गोफमैन ने ईरान पर हमले की योजना बनाई थी, लेकिन इस रिपोर्ट में किसी आधिकारिक स्रोत का उल्लेख नहीं किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इजरायली सुरक्षा तंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन का समर्थन नहीं किया, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि इससे तनाव बढ़ सकता है और चुनाव समय पर कराना मुश्किल हो जाएगा।


अमेरिका का हस्तक्षेप

रिपोर्ट के अनुसार, सभी अधिकारियों की सहमति न होने के बावजूद इस ऑपरेशन की योजना पर गुप्त रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान, एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी की वजह से अमेरिका को इस ऑपरेशन की जानकारी मिल गई। इसके बाद, वॉशिंगटन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और इस ऑपरेशन को रोक दिया।


पीएम कार्यालय का खंडन

प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। पीएम कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू ने चुनावों से पहले किसी भी हमले की योजना नहीं बनाई थी। दूसरी ओर, पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने नेतन्याहू पर मोसाद के माध्यम से उकसावे की योजना बनाने का आरोप लगाया है।


पिछले समय में आई थीं ऐसी रिपोर्टें

यह रिपोर्ट चुनाव से ठीक पहले आई कई रिपोर्टों में से एक है। चुनाव से दो दिन पहले चैनल 12 ने बताया था कि नेतन्याहू और IDF के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर के बीच ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर टकराव हुआ था। सूत्रों के अनुसार, जमीर ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और कानूनी मंजूरी के लिए लिखित दस्तावेज की मांग की थी। इसे भी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश माना गया था।


न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट

हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी बताया था कि नेतन्याहू कई हफ्तों से ईरान पर एक नया हवाई हमला करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जमीर ने इसे रोक दिया। जमीर को चिंता थी कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं, जो सीधे हमले से अलग लेकिन खतरनाक हो सकती है।


इजरायल में नई सरकार के गठन के लिए चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। इस स्थिति में नई सरकार के गठन की बातचीत जारी है। पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकॉट नेतन्याहू को सत्ता से दूर रखकर विभिन्न दलों को एकत्रित करके सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।