क्या इजरायली पीएम Netanyahu और UAE राष्ट्रपति की साजिश है फ्लाईदुबई हमले के पीछे?
नई दिल्ली में नया विवाद
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई के विमान पर हुए हमले के मामले में एक नया और विवादास्पद मोड़ सामने आया है। ईरानी मीडिया द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पर इस घटना के पीछे साजिश का आरोप लगाया गया है, जिससे मामला और जटिल हो गया है।
साजिश के संभावित कारण
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित साजिश के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हो सकते हैं। पहला, 7 अक्टूबर को हुए हमास हमले के संदर्भ में नेतन्याहू पर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाना। दूसरा, 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनावों से पहले उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना। तीसरा, ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई के लिए एक बहाना तैयार करना। यह आरोप उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि को-पायलट और ईरान के बीच कोई संबंध साबित होता है, तो ईरान पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने इस विषय में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
घटना का विवरण
यूएई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर चाकू से हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने तुरंत कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग की। इस उड़ान में कुल 182 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। इस हमले में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर भी घायल हुए, जिन्हें बाद में अबू धाबी में इलाज के लिए ले जाया गया।
जांच की प्रक्रिया
इस मामले की जांच में इजरायली खुफिया और सुरक्षा अधिकारी सऊदी अरब की सहायता कर रहे हैं। इजरायल ने को-पायलट को पूछताछ के लिए अपने देश भेजने का अनुरोध किया है। यूएई ने भी अपनी स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले का किसी आतंकवादी मंशा से कोई संबंध था या नहीं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ओमानी को-पायलट इस्लामिस्ट कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था, लेकिन जब उनसे इस जानकारी के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो उनके कार्यालय ने कोई उत्तर नहीं दिया। ईरान की भूमिका पर भी नेतन्याहू ने कहा कि इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
कॉकपिट से भेजे गए संकेत
फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान के कॉकपिट से दो अलग-अलग इमरजेंसी कोड भेजे गए थे। पहले सामान्य आपातकालीन संकेत वाला 7700 कोड भेजा गया, और इसके बाद 7500 कोड भेजा गया, जो विमान में गैरकानूनी दखल या संभावित हाईजैकिंग की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान लगभग 33,000 फीट की ऊंचाई से एक मिनट के भीतर 17,000 फीट तक नीचे आ गया था। इसके बाद विमान ने सऊदी-जॉर्डन सीमा के पास एक असामान्य चक्कर लगाया और अंततः तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की।