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क्या ईरान का हाथ है Flydubai हमले में? ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Flydubai की उड़ान पर हुए हमले को लेकर ईरान की संभावित भूमिका पर विचार व्यक्त किया है। यह घटना 30 सितंबर को हुई थी, जब एक सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर हमला किया। हमले के बाद कैप्टन ने साहस दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंडिंग कराई। जांच जारी है, जिसमें हमलावर के ईरान से संबंधों की भी जांच की जा रही है। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 

ट्रंप का बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Flydubai की उड़ान पर हुए हमले के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस घटना में ईरान की संलिप्तता हो सकती है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत विचार है और मामले की जांच अभी भी चल रही है।


हमले की जानकारी

व्हाइट हाउस के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए, ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ईरान इस हमले के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह ऐसा मानते हैं। यह बयान तब आया है जब कई देशों की एजेंसियां हमले के कारणों और संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।


क्या हुआ था फ्लाइट में?


यह घटना 30 सितंबर को Flydubai की उड़ान FZ1073 में हुई थी। दुबई से तेल अवीव जा रहे इस विमान में ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला किया। यूएई के अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण पाने की कोशिश की।


हमले के बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। गंभीर चोटों के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।


जांच जारी

ईरान कनेक्शन की जांच


घटना के बाद हमले के उद्देश्य और हमलावर के संभावित संबंधों की जांच तेज हो गई है। यूएई ने इसे आतंकवादी कार्रवाई के प्रयास के रूप में बताया है। विभिन्न रिपोर्टों में हमाम अल-हमामी के कट्टरपंथी विचारों और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक ईरान के साथ उसके संबंध का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।


कैप्टन की बहादुरी

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी


इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की काफी सराहना की गई है। गंभीर चोटों के बावजूद, उन्होंने कॉकपिट तक मदद पहुंचाने का रास्ता बनाया, जिससे विमान में मौजूद लोगों को हमलावर पर काबू पाने का अवसर मिला। उनके साहस की प्रशंसा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी की है।