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क्या ईरान के नेताओं पर हमले से बिगड़ सकती है शांति प्रक्रिया? अमेरिका की चेतावनी

अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि इजरायल उसके प्रमुख नेताओं को निशाना बना सकता है, जिससे चल रही शांति वार्ता प्रभावित हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, अगर अब्बास अराघची और मोहम्मद बाकर गालिबाफ की हत्या होती है, तो संघर्ष फिर से भड़क सकता है। इजरायल की रणनीति में बदलाव और अमेरिका की शांति प्रयासों के बीच खींचतान जारी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

अमेरिका की चेतावनी


नई दिल्ली: अमेरिका ने मध्य पूर्व के विभिन्न देशों के माध्यम से ईरान को चेतावनी दी है कि इजरायल उसके प्रमुख नेताओं को निशाना बना सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि यदि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ की हत्या होती है, तो अप्रैल से चल रही युद्धविराम वार्ता पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है।


इजरायल की रणनीति में बदलाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने क्षेत्रीय देशों से अनुरोध किया था कि वे ईरान को संभावित खतरों के बारे में पहले से सूचित करें, ताकि शांति प्रक्रिया बाधित न हो। प्रारंभ में, इजरायल की रणनीति ईरान के शीर्ष नेताओं को लक्षित करने की थी। उस समय अमेरिका और इजरायल के लक्ष्य काफी समान थे, लेकिन जैसे-जैसे युद्धविराम वार्ता आगे बढ़ी, दोनों देशों की सोच में भिन्नता आ गई।


अमेरिका चाहता था कि बातचीत के माध्यम से तनाव को कम किया जाए, जबकि इजरायल ईरान पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में था। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि वार्ता में शामिल नेताओं की हत्या होती है, तो संघर्ष फिर से भड़क सकता है।


शांति समझौते की स्थिति

अब्बास अराघची और मोहम्मद बाकर गालिबाफ को ईरान की शांति वार्ता का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है। इन दोनों नेताओं ने कई देशों के साथ बातचीत कर युद्धविराम और भविष्य के समझौतों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


रिपोर्ट के अनुसार, जून में अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौते का खाका तैयार किया गया था, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और भविष्य में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की रूपरेखा शामिल थी। हालांकि, इजरायल इस समझौते से संतुष्ट नहीं था और इसे अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के खिलाफ मानता रहा।


गालिबाफ पर हमले का खतरा

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि गालिबाफ पहले भी दो बार हमले से बच चुके हैं। हाल ही में, अमेरिका के अधिकारियों से बातचीत के बाद जब वह तेहरान लौट रहे थे, तब ईरानी खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली कि उनके विमान को निशाना बनाया जा सकता है।


इसके बाद, विमान की आपात लैंडिंग कराई गई और गालिबाफ सड़क मार्ग से तेहरान पहुंचे। हालांकि, इन खतरों के बावजूद, गालिबाफ और अराघची ने शांति वार्ता के लिए विदेश यात्राएं जारी रखी हैं। अमेरिका का कहना है कि वह अब भी बातचीत के माध्यम से स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयास कर रहा है।