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क्या ईरान के लिए डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम बनेगा संकट का कारण?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें मांग की गई है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के सभी शिपिंग चैनलों को बिना शुल्क के खोल दे। इस विवाद का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में रास्तों का टकराव है, जहां ईरान ने एक नया कॉरिडोर स्थापित किया है। इसके चलते ईरान के तटीय क्षेत्रों में धमाके हो रहे हैं और अमेरिका ने भी पलटवार किया है। क्या यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण बनेगी? जानें पूरी कहानी।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति का सख्त अल्टीमेटम


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। अमेरिका की मांग है कि ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य के सभी शिपिंग चैनलों को बिना किसी शुल्क के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और उसके लिए आने वाला समय कठिन हो सकता है।


विवाद की जड़: होर्मुज जलडमरूमध्य में रास्तों का टकराव

इस विवाद का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर रास्तों का टकराव है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में एक नया कॉरिडोर स्थापित किया है। तेहरान का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अब इसी रास्ते से गुजरना होगा, जो पूरी तरह से ईरान के सैन्य नियंत्रण में रहेगा। दूसरी ओर, अमेरिका स्वतंत्र और वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग की स्थापना की कोशिश कर रहा है। जब भी कोई वाणिज्यिक जहाज अमेरिका के सुझाए मार्ग से गुजरता है, ईरान उस पर हमला कर देता है।


खाड़ी देशों पर ईरान का पलटवार

इस गतिरोध के कारण पिछले चार दिनों से ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में जोरदार धमाके हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर जैसे बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और चाबहार में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इसके जवाब में, ईरान ने अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।


वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा

यह ध्यान देने योग्य है कि इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के दौरान होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी संकट उत्पन्न हुआ था, क्योंकि इस मार्ग से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से ईरान को स्पष्ट संदेश भेजा है कि उसे सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करनी चाहिए कि होर्मुज सभी के लिए खुला है और वह किसी भी व्यापारिक जहाज को निशाना नहीं बनाएगा।


मस्कट में महत्वपूर्ण बैठक

इस तनाव के बीच, शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में ओमान और ईरान के अधिकारियों की एक आपात बैठक होने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। हाल ही में, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित बिजली संयंत्रों और तटीय बुनियादी ढांचे पर बमबारी की थी, ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया जा सके। अब पूरी दुनिया की नजरें इस अल्टीमेटम पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या मध्य पूर्व एक नए महायुद्ध की ओर बढ़ेगा।