×

क्या ईरान के साथ तनाव के बीच ट्रंप ने नेतन्याहू की भूमिका को सराहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सराहना की है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू उनके सुझावों के अनुसार कदम उठाएंगे। ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को अंतिम समय में टालने का भी जिक्र किया। इस बीच, ईरान ने अमेरिका पर नए हमलों की तैयारी का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने भी मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

ट्रंप का नया बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू उन कदमों को उठाएंगे, जो वह उनसे अपेक्षित करते हैं। यह टिप्पणी ट्रंप ने तब की जब उनसे ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और इजरायल की भूमिका के बारे में सवाल किया गया।


नेतन्याहू की प्रशंसा

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में नेतन्याहू की सराहना की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू एक सक्षम और अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने युद्ध के समय में भी नेतृत्व किया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री उनके सुझावों के अनुसार आगे बढ़ेंगे।


अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल में नेतन्याहू के खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार की आलोचनाओं का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। मजाक में ट्रंप ने कहा कि शायद वह खुद इजरायल जाकर प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ें, और यह भी बताया कि एक सर्वेक्षण के अनुसार उनकी लोकप्रियता इजरायल में 99 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।


कूटनीति पर जोर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि उन्हें युद्ध या कूटनीति के लिए जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन अमेरिका बातचीत को प्राथमिकता देना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि वह बड़े पैमाने पर जनहानि के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देंगे।


उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को अंतिम समय में रोक दिया गया था। ट्रंप के अनुसार, खाड़ी देशों के सहयोगियों ने वाशिंगटन से अपील की थी कि युद्ध शुरू करने से पहले कूटनीति को एक और मौका दिया जाए। इसी कारण कार्रवाई को टाल दिया गया।


ईरान की प्रतिक्रिया

इस बीच, ईरान ने अमेरिका पर नए हमलों की तैयारी का आरोप लगाया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई की गई, तो इसका प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने भी कहा कि अमेरिका पर्दे के पीछे नए हमलों की योजना बना रहा है।


पाकिस्तान की मध्यस्थता

पाकिस्तान ने भी मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक्वी तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।


सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें प्रतिबंध हटाने, जब्त संपत्तियों की वापसी और क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी जैसी मांगें शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन पहले ही इन शर्तों को खारिज कर चुका है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कूटनीति सफल होती है या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है।