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क्या ईरान देगा परमाणु निरीक्षकों को अनुमति? ट्रंप ने उठाए सवाल

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता में एक नया मोड़ आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों की जांच की अनुमति नहीं देता, तो अमेरिका बातचीत को रोक सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने निरीक्षण की शर्तों पर सहमति दी है, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता, तो मौजूदा वार्ताएं रद्द हो सकती हैं। जानें इस वार्ता का क्या होगा परिणाम और ईरान की स्थिति पर ट्रंप का क्या कहना है।
 

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का नया मोड़


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को अपने ठिकानों की जांच की अनुमति नहीं देता, तो अमेरिका बातचीत की प्रक्रिया को समाप्त कर सकता है।


ट्रंप का निरीक्षण पर बयान

पेनसिल्वेनिया में एक औद्योगिक दौरे के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान ने निरीक्षण की शर्तों पर सहमति दी है। उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान निरीक्षकों को प्रवेश देने के लिए तैयार नहीं है।


ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि निरीक्षण व्यवस्था पर सहमति बन चुकी है। यदि ऐसा नहीं होता, तो वह मौजूदा वार्ताओं को तुरंत रद्द कर सकते हैं।


निरीक्षण की समयसीमा

जब ट्रंप से पूछा गया कि निरीक्षण कब शुरू होगा, तो उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई जल्दबाजी नहीं है। उनके अनुसार, उचित समय आने पर निरीक्षक ईरान पहुंचेंगे और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।


बातचीत की सकारात्मक प्रगति

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उनका मानना है कि हाल के समय में ईरान की स्थिति कमजोर हुई है, जिससे समझौते की संभावना बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी चर्चाओं से क्षेत्रीय तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।


परमाणु हथियारों पर अमेरिका का कड़ा रुख

ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है। यदि भविष्य में आर्थिक सहयोग बढ़ता है, तो इसका उपयोग ईरान की खाद्य और दवा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है।


अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अनुमति देगा। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता पर संकट आ सकता है। वहीं, अनुमति मिलने पर दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते का रास्ता खुल सकता है।