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क्या ईरान ने ट्रंप की हत्या की साजिश रची? इजरायली खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

एक नई इजरायली खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की योजना बना रहा है। इस सूचना के बाद वॉशिंगटन और यरुशलम में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने इस खतरे को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। जानें इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया और ईरान के साथ बातचीत की स्थिति क्या है।
 

नई दिल्ली में हड़कंप


नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी प्रशासन को एक गुप्त सूचना दी है, जिसमें कहा गया है कि ईरान के कमांडो और खुफिया नेटवर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई और सटीक योजना पर काम कर रहे हैं। इस चेतावनी के बाद वॉशिंगटन और यरुशलम में सुरक्षा हलचल तेज हो गई है, खासकर जब खाड़ी में दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है।


कासिम सुलेमानी की मौत का प्रतिशोध

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के अनुसार, इजरायल द्वारा साझा की गई इस नई खुफिया जानकारी में बताया गया है कि ईरान अपने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई मौत का बदला लेना चाहता है। हाल ही में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान भी ईरान की सड़कों पर ट्रंप को खत्म करने के नारे लगाए गए थे। इसके तुरंत बाद इजरायल ने इस साजिश का खुलासा करते हुए अमेरिका को चेतावनी दी।


ट्रंप का बयान

इस खुफिया जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में इस खतरे को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'वे मुझे अपने रास्ते से हटाना चाहते हैं। आज सुबह मैंने देखा कि मैं उनकी हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हूं। अब तक मैं भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन यह हमेशा नहीं रह सकता। ये बीमार मानसिकता के लोग हैं और हमें इस कैंसर को जड़ से खत्म करना होगा।'


अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया

हालांकि इस सूचना ने हड़कंप मचाया है, अमेरिकी खुफिया समुदाय के कुछ अधिकारी इसे पूरी तरह से सत्यापित करने में लगे हैं। अमेरिका ने अभी तक इस विशेष सूचना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि इजरायल इस तरह की जानकारी देकर ट्रंप पर ईरान के खिलाफ कड़ा सैन्य रुख अपनाने का दबाव बना रहा है।


ईरान के साथ बातचीत की स्थिति

यह सब तब हो रहा है जब ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ बातचीत के रास्ते बंद हो चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा और कूटनीतिक गलियारों से यह भी जानकारी आ रही है कि पर्दे के पीछे परमाणु समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच तकनीकी बातचीत अब भी जारी है और अगस्त के मध्य तक किसी बड़े समझौते की अंतिम कोशिशें चल रही हैं।