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क्या ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य खोलेगा? ट्रंप की बातचीत से समाधान की उम्मीद

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं, जबकि ट्रंप ने बातचीत से समाधान की उम्मीद जताई है। जानें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का वैश्विक ऊर्जा व्यापार में क्या महत्व है और ईरान की मांगें क्या हैं। क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से स्थिति में सुधार होगा? इस लेख में जानें सभी महत्वपूर्ण पहलू।
 

तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति


नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष समाप्त करने और परमाणु समझौते से पीछे हटने के लिए तैयार हैं।


रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप कई हफ्तों से ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के संभावित लाभ का दावा करने की योजना बना रहे हैं। यह जलमार्ग वैश्विक कच्चे तेल के लगभग 20% का परिवहन करता है। परमाणु वार्ता में बाधाओं के बाद, अमेरिकी प्रशासन का ध्यान अब समुद्री मार्ग की आवाजाही को बहाल करने पर केंद्रित है।


ईरान की शर्तें

ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं, जिनमें ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, आर्थिक प्रतिबंध समाप्त करना और विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त लौटाना शामिल है। इसके अलावा, तेहरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की है। इस प्रकार की शर्तों ने अमेरिका के लिए बातचीत को कठिन बना दिया है।


होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग 167 किलोमीटर लंबा है और इसकी चौड़ाई विभिन्न स्थानों पर 39 से 97 किलोमीटर के बीच है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार में अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2023 से 2025 के बीच, दुनिया के कुल LNG व्यापार का लगभग 20% और समुद्र के रास्ते होने वाले तेल व्यापार का लगभग 25% इसी मार्ग से गुजरता है। इसलिए, यहां लंबे समय तक आवाजाही रुकने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


समुद्री रास्ता फरवरी से बंद

फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य समुद्री आवाजाही बाधित हो गई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रखे, लेकिन ईरान ने ऐसा करने से इनकार किया है और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात कही है।


रविवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अपना रुख स्पष्ट किया। संगठन ने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की सभी मांगें नहीं मानता और सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त नहीं करता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। IRGC ने जलडमरूमध्य को अब केवल समुद्री मार्ग नहीं, बल्कि संघर्ष का एक हिस्सा बताया है।


ट्रंप की समाधान की उम्मीद

इन सभी परिस्थितियों के बावजूद, ट्रंप ने बातचीत के माध्यम से समाधान की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले को फिलहाल कम गंभीरता से ले रहा है और ईरान के साथ बातचीत सीमित स्तर पर चल रही है। ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका उसकी महंगाई और पैसों की कमी पर नजर रख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्थिति सुधरेगी और इस पूरे घटनाक्रम की तुलना शतरंज के खेल से की।