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क्या ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलेगा? ट्रंप की रणनीति में बदलाव

डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान जलडमरूमध्य को खोलता है, तो ट्रंप इसे अपनी जीत के रूप में पेश कर सकते हैं। हालांकि, ईरान ने कई शर्तें रखी हैं, जिनमें युद्ध समाप्त करना और प्रतिबंध हटाना शामिल हैं। ट्रंप के लिए यह मुद्दा घरेलू राजनीति से भी जुड़ा है, क्योंकि मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं। जानें इस जटिल स्थिति का क्या होगा अंत।
 

नई दिल्ली में ट्रंप की नई रणनीति


नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, डोनाल्ड ट्रंप अब एक सम्मानजनक तरीके से इस स्थिति से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि तेहरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने का निर्णय लेता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति परमाणु समझौते की शर्तों को हटाकर भी इस संघर्ष को अपनी जीत के रूप में पेश कर सकते हैं।


ट्रंप का ध्यान होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर

फरवरी में युद्ध की शुरुआत के बाद से, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। उसने मिसाइल और ड्रोन के माध्यम से शिपिंग को रोक दिया, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि हुई और बाजार में हलचल मच गई।


हालांकि, ट्रंप ने पिछले कुछ हफ्तों में कहा है कि जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन यह दावा जल्दबाजी में किया गया था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी युद्धपोतों और उनके सहयोगियों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, उसने वाणिज्यिक जहाजों से टोल वसूलने का प्रयास किया, जिसे अमेरिका ने अस्वीकार कर दिया।


अब ट्रंप की टीम मानती है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य को खोलता है, तो एक बड़ी युद्ध को टाला जा सकता है। WSJ के अनुसार, ट्रंप ने निजी बातचीत में सहयोगियों से कहा है कि वे बिना परमाणु समझौते के भी पीछे हट सकते हैं।


ईरान की शर्तों की लंबी सूची

ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के लिए कई शर्तें रखी हैं। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहम्मद बाघेरी ज़ोलघाद्र ने कहा कि अमेरिका को युद्ध समाप्त करना होगा, नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना होगा, अपनी सेना को वापस बुलाना होगा, सभी प्रतिबंध समाप्त करने होंगे, फ्रीज़ संपत्तियों को लौटाना होगा और हर्जाना देना होगा।


ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका को क्षेत्र में ईरान समर्थित मिलिशिया पर कार्रवाई बंद करनी होगी और धमकियां देना बंद करना होगा। इन शर्तों की लंबी सूची के बाद, ट्रंप के लिए 'जल्दी निकलने' का रास्ता और भी कठिन हो गया है।


घरेलू दबाव और जीत का नैरेटिव

ट्रंप के लिए यह मुद्दा घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हुआ है। मध्यावधि चुनाव में तीन महीने से कम समय बचा है और पेट्रोल की कीमतें युद्ध से पहले की तुलना में काफी अधिक हैं। इसलिए, वे अमेरिकियों को यह बताना चाहते हैं कि उनका मिशन सफल रहा है।


हाल ही में, उन्होंने कहा कि वे ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने वाले थे, लेकिन सहयोगियों ने उन्हें रोका। शुक्रवार को, उन्होंने सोशल मीडिया पर 'डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध जीता' शीर्षक वाला लेख भी साझा किया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दबाव जारी रहेगा और अमेरिका अधिक तेल-गैस निकालकर कीमतें कम करेगा।


परमाणु मुद्दा पीछे?

अप्रैल से परमाणु कार्यक्रम ही विवाद का मुख्य कारण रहा है। लेकिन अब ट्रंप का मानना है कि मई 2025 में ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकाने नष्ट होने के बाद, वे अपने कार्यकाल में इस कार्यक्रम को फिर से शुरू नहीं कर पाएंगे।


उनका तर्क है कि अमेरिकी खुफिया जानकारी और दोबारा हमले की धमकी ही रोकथाम का काम करेगी। वे जमीन के नीचे रखे यूरेनियम की चिंता को भी कम आंक रहे हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप अब होर्मुज़ के खुलने को अपनी जीत मानकर निकलना चाहते हैं। सवाल यह है कि क्या ईरान बिना बड़ी रियायतों के रास्ता खोलेगा।