क्या ओमान और ईरान के बीच बातचीत पर ट्रंप की धमकी का असर होगा?
ओमान पर ट्रंप का गुस्सा
नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा अब ओमान की ओर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। ट्रंप ने हाल ही में फॉक्स न्यूज के रिपोर्टर ट्रे यिंगस्ट से बातचीत में कहा कि यदि ओमान अमेरिका के रास्ते में आया, तो उस पर बमबारी की जा सकती है। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव की नई लहर उठ गई है, हालांकि ओमान की सरकार ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ता विवाद
ट्रंप की नाराजगी का मुख्य कारण ओमान और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत है। दो क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, दोनों देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जुड़े एक समझौते के करीब पहुंच चुके हैं, जो अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल ठप हो गई है। दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते की 60 दिन की अवधि इस हफ्ते समाप्त हो गई। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस समय ईरान के साथ किसी नई बातचीत की योजना नहीं है। इस स्थिति में, ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चल रही बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।
सुरक्षित आवाजाही के लिए बातचीत
ईरान और ओमान पिछले कुछ हफ्तों से इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चर्चा कर रहे हैं। ओमान ने इस मामले में सीमित जानकारी साझा की है, जबकि तेहरान का कहना है कि दोनों पक्ष एक साझा बयान को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
ओमान का सकारात्मक दृष्टिकोण
ओमान, जिसकी जनसंख्या लगभग 50 लाख है, खाड़ी क्षेत्र के शांतिपूर्ण देशों में से एक माना जाता है। ओमान ने हमेशा ईरान के साथ बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है। हाल ही में, ओमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े संवाद को सकारात्मक बताया था।
ट्रंप की धमकी का प्रभाव
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप की धमकी ओमान और ईरान की बातचीत पर कितना प्रभाव डालेगी। मिडटर्म चुनावों के नजदीक आने के साथ ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, और दुनिया की नजर अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर होने वाले अगले घटनाक्रम पर है।