क्या ट्रंप प्रशासन जन्म के आधार पर नागरिकता में करेगा बदलाव? जानें नए प्रस्ताव के बारे में
ट्रंप प्रशासन का नया प्रस्ताव
नई दिल्ली: अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता से संबंधित नियमों में बदलाव की योजना पर ट्रंप प्रशासन विचार कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सरकार अब बच्चों के पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय माता-पिता से उनकी नागरिकता या आव्रजन स्थिति का प्रमाण मांगने की तैयारी कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में जन्मे बच्चों के पासपोर्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया और भी कठिन हो सकती है।
प्रस्ताव का उद्देश्य
विदेश विभाग का यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त के कार्यकारी आदेश को लागू करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक लगाना और जन्म के आधार पर नागरिकता के दायरे को सीमित करना है। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकता के महत्व की रक्षा करने की बात स्पष्ट की है।
नए नियमों का विवरण
अभी, अमेरिका में किसी बच्चे के पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय माता-पिता को बच्चे के साथ अपने संबंध को साबित करना होता है और सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र भी देना होता है। हालांकि, माता-पिता को अपनी नागरिकता की स्थिति बतानी होती है, लेकिन उन्हें अपनी आव्रजन स्थिति के दस्तावेज नियमित रूप से जमा नहीं करने पड़ते।
अब विदेश विभाग ने इस प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, माता-पिता से उनकी नागरिकता या आव्रजन स्थिति से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। यह जांचने के लिए किया जाएगा कि बच्चा ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश के दायरे में आता है या नहीं।
किस पर पड़ेगा असर?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित नियमों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता प्रभावित हो सकती है। इनमें वे बच्चे शामिल हैं जिनके माता-पिता में से कोई एक अमेरिका में किसी विदेशी सरकार के लिए काम कर रहा हो। इसके अलावा, धोखाधड़ी या व्यावसायिक लेनदेन में शामिल व्यक्तियों के बच्चों को भी नए नियमों के दायरे में लाया जा सकता है।
कानूनी लड़ाई का संदर्भ
ट्रंप के प्रारंभिक आदेश से प्रभावित बच्चों की ओर से वकीलों ने कई संघीय अदालतों में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं ने अदालतों से अनुरोध किया है कि सरकार को आदेश लागू करने से रोका जाए। एक मामला मैरीलैंड की संघीय अदालत में चल रहा है, जहां न्यायाधीश ने ट्रंप के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
न्याय विभाग ने दलील दी है कि इस स्तर पर रोक लगाना उचित नहीं होगा, क्योंकि संघीय एजेंसियों ने अभी तक आदेश को लागू करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं।
ट्रंप का नागरिकता संबंधी एजेंडा
जन्म के आधार पर नागरिकता को सीमित करना ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उनके प्रारंभिक कार्यकारी आदेश में कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे को नागरिकता तभी मिलेगी जब उसके माता-पिता में से कोई एक अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी हो। यह मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां अदालत ने इसे असंवैधानिक करार दिया।