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क्या पाकिस्तान तक्षशिला की ऐतिहासिक साइट्स को बचा पाएगा? यूनेस्को की चेतावनी का असर

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को तक्षशिला की ऐतिहासिक स्थलों पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की चेतावनी दी है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इन स्थलों को यूनेस्को की 'खतरे में' सूची में डाल दिया जाएगा। हाल ही में एक विज़िटर द्वारा की गई शिकायत के बाद यूनेस्को ने इस मामले में कार्रवाई की है। पाकिस्तान का पुरातत्व विभाग इसे पुनर्निर्माण मानने से इनकार कर रहा है, जबकि यूनेस्को का कहना है कि इन कार्यों से साइट की वास्तविकता को नुकसान पहुँचा है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी


नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि तक्षशिला की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्य को तुरंत रोकना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इन स्थलों को यूनेस्को की 'खतरे में' सूची में डाल दिया जाएगा।


यूनेस्को की हालिया बैठक

2 जुलाई 2026 को सामने आई रिपोर्ट 


'डॉन' समाचार पत्र के अनुसार, यूनेस्को ने हाल ही में एक बैठक में पाकिस्तानी अधिकारियों को बताया कि मोहरा मोराडु और सिरकप में किए गए निर्माण कार्यों ने इन स्थलों की 'अखंडता' को नुकसान पहुँचाया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह इन स्थलों को विश्व धरोहर सूची से हटाने में संकोच नहीं करेगी। हाल ही में जर्मनी की एक साइट को भी 'गैर-जरूरी दखल' के कारण सूची से हटा दिया गया था।


विज़िटर की शिकायत पर कार्रवाई

विज़िटर की शिकायत पर एक्शन 


मार्च में एक विज़िटर ने पेरिस में यूनेस्को के पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि को तस्वीरें और जानकारी भेजी थीं। इनमें पंजाब पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख था। विज़िटर ने देखा कि पुरानी दीवारों को नए निर्माण से बदल दिया गया है और कुछ दीवारों की ऊँचाई बढ़ा दी गई है, जिससे साइट की वास्तविकता प्रभावित हुई है।


रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तस्वीरों में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि पुराने बेतरतीब पत्थरों की जगह नई पॉलिश की हुई ईंटें लगाई गई हैं। पुराने और नए सामग्री के बीच का अंतर आसानी से देखा जा सकता है।


यूनेस्को का संयुक्त दौरा

यूनेस्को ने मांगे दस्तावेज, किया संयुक्त दौरा 


पिछले महीने, यूनेस्को, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग तथा राष्ट्रीय विरासत मंत्रालय ने तक्षशिला संग्रहालय का एक संयुक्त तकनीकी दौरा किया। एक अधिकारी ने बताया कि यूनेस्को ने मोहरा मोराडु और सिरकप में संरक्षण और बहाली के कार्यों से संबंधित विशेष दस्तावेज मांगे हैं।


पाकिस्तान का बचाव

पाकिस्तान का दावा: यह संरक्षण है, पुनर्निर्माण नहीं 


पंजाब पुरातत्व विभाग के महानिदेशक मलिक ज़हीर अब्बास ने इसे 'पुनर्निर्माण' मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'हम अंतरराष्ट्रीय संरक्षण सिद्धांतों के तहत कार्य कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य नाजुक अवशेषों को स्थिर करना और उन्हें खराब होने से बचाना है।'


उन्होंने आगे कहा, 'फिलहाल काम को पलटने का सवाल नहीं उठता, क्योंकि ये संरक्षण के उपाय हैं, पुनर्निर्माण नहीं।' यूनेस्को का कहना है कि इन 'गैर-जरूरी दखल' से साइट की वास्तविकता को नुकसान हुआ है और अब डिलिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है।