क्या रूस ईरान को अमेरिकी ठिकानों की जानकारी दे रहा है? ट्रंप ने उठाया सवाल
नई दिल्ली में बढ़ते तनाव के बीच नया विवाद
नई दिल्ली: रूस, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस अपने सैटेलाइट के जरिए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी कर उनकी जानकारी ईरान तक पहुंचा रहा है. इन आरोपों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस मामले पर सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे और सच्चाई जानेंगे.
ट्रंप ने क्या कहा?
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन से सीधे पूछेंगे कि क्या रूस वास्तव में ईरान की मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. हालांकि ट्रंप का मानना है कि यदि ऐसा हुआ भी है तो इसका अमेरिका पर बड़ा असर नहीं पड़ा, क्योंकि हालिया सैन्य अभियान में ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है.
जेलेंस्की के गंभीर आरोप
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि यूक्रेन के पास ऐसे संकेत हैं, जिनसे पता चलता है कि जुलाई की शुरुआत से रूस के सैटेलाइट खाड़ी क्षेत्र और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल ईरान ने हमलों की तैयारी और बाद में नुकसान का आकलन करने के लिए किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि 19 और 20 जुलाई को बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के चार सैन्य एयरबेस पर रूसी सैटेलाइटों ने विशेष निगरानी की थी. बाद में ये ठिकाने ईरान की सैन्य योजना का हिस्सा बने.
अमेरिका फिलहाल बातचीत के पक्ष में
रूस पर लगे आरोपों के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की पहली प्राथमिकता कूटनीतिक समाधान है. उनके अनुसार, ईरान ने दोबारा बातचीत की इच्छा जताई है. ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि बातचीत सफल नहीं होती तो अमेरिका जरूरत पड़ने पर फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
रूस और चीन पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
ईरान को रूस की कथित मदद को लेकर पहले भी कई दावे सामने आ चुके हैं. कुछ अमेरिकी रिपोर्टों में कहा गया था कि रूस ने अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी ईरान के साथ साझा की थी. चीन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, लेकिन अब तक कोई सार्वजनिक और ठोस सबूत सामने नहीं आया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी कह चुके हैं कि रूस और चीन अलग-अलग स्तर पर ईरान की मदद कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने गोपनीय जानकारी साझा नहीं की.
ट्रंप के बदले तेवर
कुछ दिन पहले तक ट्रंप रूस और चीन की सक्रिय भूमिका से इनकार कर रहे थे. लेकिन जेलेंस्की के नए आरोपों के बाद उनका रुख बदला हुआ दिखाई दे रहा है. अब उन्होंने साफ कहा है कि वह सीधे पुतिन से इस मामले पर जवाब मांगेंगे और उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे.