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क्या रूस की पहल से अमेरिका-ईरान तनाव में आएगी कमी? जानें पुतिन की रणनीति

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें विफल होती नजर आ रही हैं। इस स्थिति में रूस ने सक्रियता दिखाई है, और राष्ट्रपति पुतिन ने शांति समझौते की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। क्या पुतिन की पहल से तनाव में कमी आएगी? जानें इस लेख में रूस की रणनीति और पाकिस्तान की भूमिका के बारे में।
 

नई दिल्ली में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें कमजोर होती नजर आ रही हैं। इस स्थिति में रूस ने सक्रियता दिखाई है, और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांति समझौते की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है।


पाकिस्तान की मध्यस्थता में बाधाएं

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस वार्ता नहीं हो पाई। इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री चीन में अफगानिस्तान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इसके अलावा, ईरानी नेता कमाल खराजी, जिनके माध्यम से पाकिस्तान संदेश भेज रहा था, पर अमेरिका ने हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।


ईरान को यह विश्वास नहीं दिला सका कि अमेरिका समझौते के प्रति गंभीर है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका भविष्य में हमले की गारंटी नहीं देता, तब तक बातचीत संभव नहीं है।


पुतिन की सक्रियता

अब रूस इस मामले में आगे बढ़ रहा है। पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। राष्ट्रपति पुतिन खुद इस योजना पर काम कर रहे हैं और विभिन्न हितधारकों से संपर्क कर रहे हैं।


गुरुवार को, उन्होंने मिस्र के विदेश मंत्री से मुलाकात की और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। रूस का कहना है कि वह मध्य पूर्व में वैश्विक व्यापार और रसद व्यवस्था को नया रूप देने में भी मदद कर सकता है। रूसी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नारिशकिन ने दावा किया है कि उनकी टीम अमेरिकी खुफिया एजेंसी के संपर्क में है।


ट्रंप और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध 2-3 हफ्तों में समाप्त हो सकता है, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर ने संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी समझौते के प्रस्ताव को अभी तक ठुकरा दिया है।


पुतिन की यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। यदि रूस सफल होता है, तो मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीदें जागृत हो सकती हैं।