क्या शहबाज शरीफ की ट्रंप से मुलाकात भारत के लिए चुनौती बनेगी?
महत्वपूर्ण बैठक की तैयारी
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के आगामी सत्र में एक महत्वपूर्ण मुलाकात होने जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 23 सितंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे। यह बैठक न्यूयॉर्क के 'लोटे न्यूयॉर्क पैलेस होटल' में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के दौरान होगी, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों के लिए आयोजित कर रहे हैं।
पहली द्विपक्षीय बातचीत
पाकिस्तानी मीडिया 'द न्यूज' ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस भव्य समारोह का औपचारिक निमंत्रण मिल चुका है। यह दोनों नेताओं के बीच 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक के बाद पहली प्रत्यक्ष बातचीत होगी, जो फरवरी में वाशिंगटन में हुई थी।
सिंधु जल संधि पर ध्यान
वैश्विक मंच पर सिंधु जल संधि का रोना
इससे पहले, दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में सितंबर 2025 में और पिछले साल अक्टूबर में मिस्र के शर्म अल-शेख शांति सम्मेलन में रणनीतिक वार्ताएं हो चुकी हैं। शहबाज शरीफ न्यूयॉर्क पहुंचने के एक दिन बाद 25 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करेंगे। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान का मुख्य ध्यान भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित रखने के फैसले पर रहेगा। यह संधि, जो 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से बनी थी, भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी तंत्र की छह प्रमुख नदियों के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है।
बदलते वैश्विक समीकरण
बदलते वैश्विक समीकरण और भारत की मजबूत स्थिति
हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की मजबूत कूटनीतिक उपस्थिति और चीन जैसे शक्तिशाली देशों के साथ बढ़ती नजदीकियों ने पाकिस्तान के राजनीतिक खेमे में चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान, जो ऐतिहासिक रूप से चीन को अपना करीबी सहयोगी मानता रहा है, अब वैश्विक मंचों पर अलग-थलग पड़ने का डर महसूस कर रहा है। ऐसे में, ट्रंप के साथ होने वाली यह मुलाकात शहबाज शरीफ के लिए अपने देश का पलड़ा संतुलित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने का एक सुनियोजित प्रयास मानी जा रही है।