क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का वसूली का कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करेगा?
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और व्यापार पर प्रभाव
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव ने अब केवल युद्ध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ व्यापारिक जहाजों से भारी शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के एक सांसद ने कहा है कि देश युद्ध की स्थिति में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से लगभग 20 लाख अमेरिकी डॉलर तक शुल्क ले रहा है।
ईरान का अधिकार और रणनीतिक स्थिति
यह बयान ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरौजेर्दी के हवाले से आया है। उन्होंने इस कदम को ईरान का अधिकार बताते हुए कहा कि युद्ध की लागत को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक है। उनके अनुसार, यह कदम देश की ताकत और रणनीतिक स्थिति को भी दर्शाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी की आपूर्ति होती है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है। मार्च के प्रारंभ से यह मार्ग काफी हद तक बाधित रहा है, जिसके कारण कई देशों में ईंधन की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है।
चुनिंदा जहाजों को अनुमति
चयनित जहाजों को मिल रही अनुमति
हालांकि, रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि ईरान पूरी तरह से इस मार्ग को बंद नहीं कर रहा है, बल्कि कुछ चुनिंदा जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल उन देशों के जहाजों पर लागू है, जिन्हें वे अपने विरोधी मानते हैं। बताया गया है कि कुछ भारतीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है, जिनमें एलपीजी से भरे टैंकर शामिल हैं। इसके अलावा, एक पाकिस्तानी तेल टैंकर के भी सुरक्षित पार होने की जानकारी मिली है।
बढ़ती बयानबाजी और अल्टीमेटम
बढ़ती बयानबाजी और अल्टीमेटम
इस पूरे मामले में तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे के भीतर जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की बात कही। इसके जवाब में ईरान के शीर्ष नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके देश के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो वे भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाएंगे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यहां तक कहा कि ऐसे हालात में जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
समुद्री यातायात पर असर
समुद्री यातायात पर असर
ईरान की चेतावनी के बाद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है। कई कंपनियां जोखिम के चलते अपने जहाज इस रास्ते से नहीं भेज रही हैं। इसी बीच, एक घटना में विस्फोटकों से भरी नौकाओं द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया, जिससे उनमें आग लग गई। इस हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत भी हो गई, जिसने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।