×

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित होगा?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो वैश्विक तेल बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस तनाव का वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो सकता है।
 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जो विश्व के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। सुरक्षा खतरों में वृद्धि के कारण, इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।


जहाजों की आवाजाही में कमी

समुद्री निगरानी एजेंसियों के अनुसार, हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले बड़े जहाजों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। युद्ध की स्थिति से पहले, प्रतिदिन लगभग 130 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या काफी कम हो गई है। कई शिपिंग कंपनियां सुरक्षा कारणों से अपने जहाजों का मार्ग बदलने या यात्रा को टालने का निर्णय ले रही हैं।


सुरक्षा खतरे में वृद्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य गतिविधियों ने इस क्षेत्र में जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। हाल ही में ईरान के दक्षिणी हिस्से में कई धमाकों की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले, अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इस तनाव के कारण समुद्री कंपनियां अधिक सतर्कता बरत रही हैं और कई जहाज अपनी लोकेशन साझा करने से भी बच रहे हैं।


तेल बाजार पर संभावित प्रभाव

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यदि यहां लंबे समय तक बाधा बनी रहती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा उछाल नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में आपूर्ति में कमी के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।


विश्लेषकों का अनुमान है कि गर्मियों के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत में 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल तक की वृद्धि हो सकती है, विशेषकर डीजल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।


वैश्विक बाजार की नजरें मध्य पूर्व पर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, पूरी दुनिया की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका प्रभाव केवल तेल बाजार पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, शिपिंग उद्योग और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।