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क्या होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ? ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने इसे खारिज किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। अमेरिका का कहना है कि जलमार्ग पर यातायात सामान्य है। इस स्थिति का प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। जानें इस विवाद के पीछे की वजहें और संभावित परिणाम।
 

नई दिल्ली में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: ईरान ने यह दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए फिर से बंद कर दिया गया है, जबकि अमेरिका का कहना है कि इस जलमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। दोनों देशों के बयानों के बीच मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ता नजर आ रहा है।  


ईरान का युद्धविराम उल्लंघन का आरोप

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान खतम अल अनबिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह कदम अमेरिका और इजराइल द्वारा युद्धविराम समझौते के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया है।  


इस बयान में कहा गया है कि अमेरिका का यह व्यवहार विश्वास का उल्लंघन है। इसके साथ ही, दक्षिणी लेबनान में इजराइल द्वारा युद्धविराम के लगातार उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया। ईरान ने इसे अपनी प्रतिक्रिया का पहला चरण बताया और चेतावनी दी कि अगर आक्रामकता जारी रही, तो और कदम उठाए जाएंगे। तेहरान का मानना है कि हाल की घटनाएं युद्धविराम समझौते की पहली शर्त का उल्लंघन करती हैं।  


अमेरिका का खंडन

ईरान की रिपोर्ट उस समय आई है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि तेहरान के साथ हुए 14 सूत्रीय समझौते में तय युद्धविराम कायम रहेगा। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जो यह दर्शाए कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है।  


होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि इस मार्ग पर आवाजाही रुकती है, तो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और शिपिंग बाजारों में हलचल बढ़ सकती है।  


कूटनीतिक बातचीत पर प्रभाव

इजराइल और हिज्बुल्लाह ने शुक्रवार को लेबनान में युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इससे पहले बढ़ती हिंसा ने ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए थे।  


इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ संभावित परमाणु समझौते पर बातचीत के पहले दौर के लिए स्विट्जरलैंड जा सकते हैं।  


यह बातचीत उस समय हो रही है जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने लेबनान में हिंसा बढ़ने के बाद खुद को बातचीत से अलग कर लिया था। युद्धविराम के बाद कुछ चिंताएं कम हुई हैं, लेकिन बातचीत के भविष्य को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।  


विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत क्षेत्रीय स्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।