×

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव दुनिया के लिए खतरा है?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर ध्यान केंद्रित हो गया है। भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी और अमेरिका के वित्त मंत्री की टिप्पणियों के साथ, ट्रंप ने अन्य देशों से मदद मांगी है। क्या यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है? जानें पूरी कहानी में।
 

भारत के जहाजों की सुरक्षित वापसी


नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर वैश्विक ध्यान केंद्रित हो गया है। इस जलमार्ग से विश्व का लगभग 20% तेल गुजरता है। हाल ही में, भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य से होकर लौट आए हैं। ईरान ने भारत के साथ अपने अच्छे संबंधों को ध्यान में रखते हुए इन जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। भारत और ईरान के बीच संवाद लगातार बना हुआ है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी नेताओं से बातचीत की है।


अमेरिका की स्थिति स्पष्ट

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले ईरानी, भारतीय और चीनी जहाजों से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि ईंधन ले जाने वाले जहाजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। ईरानी जहाज पहले ही निकल चुके हैं और वैश्विक आपूर्ति बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है। भारतीय और कुछ चीनी जहाज भी इस जलमार्ग से गुजरे हैं।


बेसेंट ने यह भी कहा कि यदि कोई नौसैनिक बेड़ा या सुरक्षा बल नहीं आता है, तो ईरान से तेल की आपूर्ति में कमी स्वाभाविक रूप से हो सकती है। वर्तमान में, अमेरिका चाहता है कि दुनिया को पर्याप्त तेल मिलता रहे। उन्होंने यह भी कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई बड़ा कदम संघर्ष की अवधि पर निर्भर करेगा। यदि युद्ध लंबा चलता है, तो अन्य उपायों पर विचार किया जा सकता है।


ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए लगभग सात देशों से संपर्क किया है। उन्होंने इन देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है ताकि तेल के जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकें। ट्रंप ने देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि ये वे देश हैं जो मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर हैं।


उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, और ब्रिटेन जैसे देशों से अपील की थी कि वे अपने जहाज भेजें। हालांकि, अभी तक किसी देश ने इस पर स्पष्ट सहमति नहीं दी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका इस जलमार्ग पर कम निर्भर है, लेकिन यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ये देश अपने हित में आगे आएं और अमेरिका उनकी सहायता करेगा। कई देश इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ है।