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क्या होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिका का बढ़ा नियंत्रण? ट्रंप के दावे पर नजर

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र बताते हुए एक मानचित्र साझा किया है। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के अभाव और नौसैनिक नाकेबंदी की बात की है। हाल के समुद्री डेटा से पता चलता है कि ईरान की पकड़ कमजोर हो रही है, और जहाज़ों ने ओमान का नया मार्ग अपनाया है। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे की पूरी कहानी और ट्रंप के दावों की सच्चाई।
 

ट्रंप का नया दावा


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर एक मानचित्र साझा करते हुए इसे अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दर्शाया। ट्रंप का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और यहां से सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं।


नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान से बातचीत का अभाव

"नौसैनिक नाकेबंदी लागू, ईरान से कोई बातचीत नहीं"


ट्रंप ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ न कोई बातचीत चल रही है और न ही कोई बातचीत तय है। नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू है।" उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और सभी वाटर माइन्स हटा दी गई हैं या नष्ट कर दी गई हैं।


यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने पिछले 6 महीनों से चल रहे ईरान युद्ध के बीच होर्मुज़ पर अपने नियंत्रण का दावा किया है। लेकिन इस बार समुद्री डेटा भी उनके दावे का समर्थन कर रहा है।


ईरान की स्थिति कमजोर, जहाज़ों का नया मार्ग

ईरान की पकड़ कमज़ोर, जहाज़ों ने बदला रास्ता


CNN की रिपोर्ट के अनुसार, समुद्री डेटा यह दर्शाता है कि तेहरान की पकड़ होर्मुज़ पर लगातार कमजोर हो रही है। लगभग 20% कच्चे तेल और गैस इसी मार्ग से गुजरते हैं। शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म 'मरीनट्रैफ़िक' के आंकड़ों के अनुसार, पिछले हफ्ते कम से कम 95 जहाज़ होर्मुज़ से गुज़रे, जबकि इससे पहले की हफ्ते यह संख्या 118 थी।


'केप्लर' के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 2 हफ्तों में होर्मुज़ से निकलने वाले 80% जहाज़ों ने ओमान का मार्ग अपनाया है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा अधिकृत है, जबकि ईरान इसका विरोध करता है।


ओमान रूट का बढ़ता महत्व

ओमान रूट बना नया विकल्प, टोल का नुकसान


एक महीने पहले तक ओमान वाले रास्ते पर लगभग कोई शिपिंग नहीं थी। लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच हुए MoU के समाप्त होने के बाद स्थिति बदल गई। पहले ईरान इस रूट से गुजरने वाले जहाज़ों से टोल वसूलता था। अब ट्रैफ़िक के स्थानांतरण से तेहरान को उस फीस का नुकसान हुआ है।


एनर्जी विशेषज्ञ डैन पिकरिंग ने कहा, "टोल वाली मांग कोई नहीं मानना चाहता। इसलिए ओमान वाला रास्ता सबसे सुरक्षित लग रहा है।"


डार्क शिपिंग का बढ़ता ट्रैफ़िक

"डार्क शिपिंग" से बढ़ा ट्रैफ़िक


सऊदी, कुवैत और UAE जैसे देशों ने बड़े तेल टैंकर किराए पर लिए हैं। ये VLCCs खाड़ी का तेल लेकर ओमान की खाड़ी में जाकर दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर कर रहे हैं। हमले के डर से कई हफ्तों तक इनके ट्रांसपोंडर भी बंद रखे गए। इसे "डार्क ट्रैफ़िक" कहा जा रहा है जो Kpler जैसी सेवाओं की नजर से भी बच जाता है।


अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट के अनुसार, पिछले हफ्ते होर्मुज़ से लगभग 15 मिलियन बैरल तेल प्रति दिन गुजरा, जो युद्ध से पहले के 20 मिलियन बैरल के औसत के काफी करीब है। कुल मिलाकर डेटा यह दर्शाता है कि होर्मुज़ पर ईरान की पकड़ ढीली हुई है और अमेरिका की मौजूदगी बढ़ी है।