खाड़ी क्षेत्र में युद्धविराम संकट में, यूएई ने किया मिसाइलों का मुकाबला
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव
खाड़ी क्षेत्र में अस्थायी युद्धविराम एक बार फिर गंभीर संकट में है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार की सुबह जानकारी दी कि उनकी हवाई रक्षा प्रणाली देश की ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ "सक्रिय रूप से मुकाबला" कर रही है। यह घटना उस समय हुई जब कुछ घंटे पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना और ईरानी बलों के बीच सीधी झड़प हुई थी.
यूएई की सुरक्षा सलाह
मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे हवाई हमलों में गिराए गए प्रक्षेपास्त्रों के मलबे के पास न जाएं, न ही उनकी तस्वीरें लें या उन्हें छुएं। इससे पहले, अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने बृहस्पतिवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों को रोका और ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जो अमेरिकी सेना पर हमले के लिए जिम्मेदार थे.
अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी बलों ने बिना किसी उकसावे के ईरानी हमलों का सामना किया और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि किसी भी पोत को नुकसान नहीं पहुंचा है और वे तनाव बढ़ाने की इच्छा नहीं रखते, लेकिन अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं.
ट्रंप का बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि हिंसा के बावजूद युद्धविराम बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से युद्धविराम काफी हद तक प्रभावी है। पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच वार्ता किसी समझौते पर नहीं पहुंच सकी। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए थे.
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा
यूएई जैसे व्यापारिक केंद्र पर हमले और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया है। यदि यह हिंसा जारी रहती है, तो 8 अप्रैल का नाजुक शांति समझौता पूरी तरह से टूट सकता है.